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अरुण–३ परियोजना के लिए ५ भारतीय और २ नेपाली बैंकों से जूट गई १ खर्ब रुपीये

 

शोभानन्द झा/काठमांडू, ७ फरवरी ।

संखुवासभा जिला में निर्माणाधीन ९०० मेगावाट की अरुण–३ जल विद्युत परियोजना के लिए वित्तिय व्यवस्थापन हो गया है । जल विद्युत निर्माण क्षेत्र में प्रख्यात भारतीय सरकारी कंपनी एसजेभीएन लिमिटेड इस परियोजना को अंजाम दे रही है । आयोजना पूर्वी नेपाल स्थित अरुण नदी की जलधार को प्रयोग कर बन रही है ।
अनुमान है कि परियोजना को सफल रुप में सम्पन्न करने के लिए अनुमानित १ खर्ब ४४ अर्ब नेपाली रुपैयाँ आवश्यक है । आयोजना के लिए ३० प्रतिशत स्वपुँजी इन्भेष्ट हो चुका है और बांकी नेपाल और भारत के विभिन्न बैंकों से ऋण स्वरुप लिया जा रहा है । स्टेट बैंक अफ इण्डिया (एसवीआई बैंक) की अगुवाई में परियोजना के लिए ५ भारतीय और २ नेपाली बैंक परियोजना में इन्भेष्ट करने जा रही है । गत बुधबार लगानी बोर्ड ने वित्तिय व्यवस्थापन के लिए स्वीकृति देने के बाद बिहीबार निर्माण कंपनी एसजेभीएन एवं आयोजना की ओर से आयोजित ऋण संझौता संबंधी कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि अब आयोजना तीव्र गति में आगे बढ़ेगी ।

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आयोजना के लिए एसबीआई बैंक, कानड़ा बैंक, पंजबाव नेशनल बैंक, एक्जिम बैंक ऑफ इण्डिया, युनियन बैंक और नेपाल के एभरेष्ट और नवील बैंक की ओर से ऋण सहयोग प्राप्त होगा । भारतीय ५ बैंकों की ओर से कूल ८५ अर्ब ९७ करोड ऋण स्वरुप मिल रही है और दो नेपाली बैंकों की ओर से १५ अर्ब रुपैया मिल रही । आयोजना के लिए भारतीय बैंकों की हक में ८.२ प्रतिशत और नेपाली बैंकों की हक में ८.८ प्रतिशत की दर में ऋण सम्झौता हुई है ।
कंपनी के अध्यक्ष एलएन शर्मा के अनुसार परियोजना में ३० प्रतिशत काम संपन्न हो चुका है, अब बांकी काम अब तीव्र गति से आगे बढ़ रही है । सम्झौता के अनुसार आयोजना सन् २०२३ के भीतर सम्पन्न करना है । लेकिन तीव्र गति से काम होने के कारण अनुमान है कि निर्धारित समय से पहले भी आयोजना संपन्न होने की सम्भावना है ।

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जनकार लोगों का कहना है कि परियोजना से वर्षिक ४० अर्ब युनिट विद्युत उत्पादन होनेवाला है । आयोजना से उत्पादित कूल विद्युत में २२ प्रतिशत विद्युत नेपाल को निःशुल्क मिलनेवाला है और २५ साल के बाद पूरा आयोजना ही नेपाल को हस्तान्तरण किया जाएगा ।
ऋण सम्झौता एवं आयोजना संबंधी जानकारी देने हेतु आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए प्रमुख अतिथि अर्थमन्त्री डा. युवराज खतिवडा ने कहा है कि अब अरुण–३ परियोजना को कोई भी नहीं रोक सकता । उनका मानना है कि लेट से ही सही, आयोजना निर्माण निश्चित हो गया है । कार्यक्रम के दूसरे अतिथि जलस्रोत तथा ऊर्जा मन्त्री वर्षमान पुन ने भी कहा है कि अरुण–३ निर्माण होना नेपाल के लिए खुशी की बात है ।

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कार्यक्रम में आयोजना के लिए आर्थिक व्यस्थापन करनेवाला सभी बैंकों की प्रतिनिधि तथा नेपाल स्थित भारतीय राजदूतावास के कार्यकारी राजदूत डा. अजय कुमार, जलस्रोत विज्ञ जैसे व्यक्तित्व की उपस्थिति रही ।

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