लिपुलेक सदियों से नेपाली भूमि है, इसमें भारतीय हस्तक्षेप आपत्तिजनकः पूर्व प्रधानमन्त्री खनाल
काठमांडू, १६ फरवरी । नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व प्रधानमन्त्री झलनाथ खनाल ने कहा है कि लिपुलेक सदियों से नेपाली भूमि है, इसमे भारतीय हस्तक्षेप आम नेपालियों के लिए स्वीकार्य नहीं है । नेकपा क्षेत्रीय कमिटी की ओर से शनिबार सिन्धुपाल्चोक जिला स्थित खाडीचौर में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए उन्होंने ऐसा कहा है ।
नेता खनाल ने कहा कि जिस तरह भारत ने लिपुलेक को अपनी नक्शा में समावेश किया है, वह आपत्तिजनक है और इससे भारत की अंतराष्ट्रीय छवी को कमजोर बनाया है । उन्होंने आगे कहा– ‘अब नेपाल सरकार को कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेक को समेटकर यथाशीघ्र नयां नक्शा प्रकाशित करना चाहिए ।’
एक फरक प्रसंग में नेता खनाल ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार समाजवाद उन्मुख कार्यक्रम के साथ आगे बढ़ रही है । उनका मानना है कि वर्तमान संविधान में समाजवाद उन्मुख सिद्धान्तों से प्रेरित संविधान है, इसीलिए सभी राजनीतिक दलों को संविधान को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ना जरुरी है । नेता खनाल ने बताया कि अगर कोई पार्टी इस वास्तविकता को अस्वीकार कर अनदेखा करती है तो वह पीछे पड़ जाएगी ।

