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तुर्की ने किया सीरियाई रासायनिक ठिकानों पर हमला, 48 सैनिकों को मार गिराने का दावा

 

इस्तांबुल, एजेंसियां।

अपने सैनिकों की मौत का बदला लेने के लिए तुर्की ने रूस समर्थित सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के नेतृत्व वाले शासन के ठिकानों पर हमला बोल दिया है। तुर्की ने सीरिया में रासायनिक हथियारों के एक ठिकाने को उड़ाने के साथ ही 48 सैनिकों को भी मार गिराने का दावा किया है। सीरिया के इदलिब प्रांत में गुरुवार को हुए हवाई हमले मेंे तुर्की के 33 सैनिकों की मौत हो गई थी। तुर्की ने इसके लिए सीरियाई शासन को जिम्मेदार ठहराया था।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने पत्रकारों को नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि तुर्की की सेना ने सीरिया के दक्षिणी अलेप्पो से 13 किलोमीटर दूर स्थित रासायनिक हथियारों के एक ठिकाने को तबाह कर दिया है। इस ठिकाने के अलावा शुक्रवार रात सीरियाई शासन के दूसरे कई अड्डों को भी निशाना बनाया गया। हालांकि सीरियाई मानवाधिकार निगरानी समूह ने कहा कि तुर्की ने इसकी जगह पूर्वी अलेप्पो में एक सैन्य एयरपोर्ट को निशाना बनाया था। इस इलाके में रासायनिक हथियारों का कोई ठिकाना नहीं है।

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समूह ने यह भी बताया कि पिछले 24 घटे के दौरान इदलिब में तुर्की के हवाई हमले में सीरियाई सेना और सहयोगी बलों के 48 सैनिक मारे गए। जबकि सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इदलिब के सरायकिब शहर पर शनिवार को भी सीरियाई शासन और रूस के लड़ाकू विमानों ने हवाई हमले किए। सीरिया के पश्चिमोत्तर प्रांत इदलिब में विद्रोहियों का कब्जा है। तुर्की इन विद्रोहियों का समर्थन करता है। इनको खदेड़ने के लिए सीरिया ने रूस के समर्थन से सैन्य अभियान चला रखा है। इदलिब में तुर्की के सैनिक भी मौजूद हैं।

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तुर्की के एक और सैनिक की मौत

तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सीरियाई शासन के बलों की गोलीबारी में एक और सैनिक की मौत हो गई और दो घायल हो गए।

रूस जा सकते हैं एर्दोगन

हमलों के चलते तुर्की और सीरियाई शासन के समर्थक रूस के बीच तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। तनाव कम करने के प्रयास में तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की थी। रूस के राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन ने बताया कि एर्दोगन अगले हफ्ते मॉस्को के दौरे पर आ सकते हैं।

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दैनिक जागरण से

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