मिथिलांचल में आज से विधिवत रुप में होली प्रारम्भ
२ मार्च, काठमांडू । मिथिलाञ्चल के महाकुम्भ के रुप में चर्चित १५ दिवसीय माध्यमिकी परिक्रमा के यात्रीगण कञ्चनवन में स्नान कर रंग अवीर खेलते हैं । उसी के साथ ही मिथिलांचल में होली पर्व विधिवत आरम्भ हो जाता है ।
मान्यता है कि त्रेतायुग में रामसीता कञ्चनवन पहुंचकर रंग अवीर खेले थे । उसी विश्वास के साथ फागु पर्व शुरुवात करने की परम्परा है ।
माध्यमिकी परिक्रमा के क्रम में परिक्रमा के यात्री लोग आज सुबह कञ्चनवन में स्नान करके रंग अवीर खेले हैं । इसलिये आज से ही मिथिलाञ्चल में विधिवत् रुप से होली प्रारम्भ माना जाता है ।
१५ दिने माध्यमिकी परिक्रमा अन्तर्गत सातवें दिन का बासस्थान कञ्चनवन में भगवान् रामचन्द्र और माता सीता की डोला तथा मूर्ति को एकापस में रङ अबीर लगाया है । यात्रा में सहभागी सभी साधुसन्त महात्मा और गृहस्थ परिवार इत्यादि ने भी एक आपस में रंग लगाया है ।
भगवान् तथा साधुसन्त और महात्माओं द्वारा होली पर्व मनाये जाने के बाद गांव गांव में रंग अवीर का प्रयोग होने लगा ।

