लक्जरी वाहनों की चोरी में भोजपुरी अभिनेता सहित पाँच गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश लखनऊ पुलिस ने रविवार को लग्जरी वाहनों के हाईप्रोफाइल चोरों के गिरोह का पर्दाफाश कर पांच को गिरफ्तार किया है। इनमें भोजपुरी फिल्मों का कलाकार अमीनाबाद निवासी नसीम खान भी है। गिरोह के तार बिहार की जेल से भी जुड़े हैं। दिल्ली के बड़े कारोबारियों के साथ कई सफेदपोश भी शामिल हैं।
पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय के मुताबिक, गिरोह एक्सिडेंटल लग्जरी गाड़ियों में हेराफेरी कर बेचता था। इसके लिए ऑन डिमांड गाड़ियों की चोरी कराता था। पांच करोड़ की 50 लग्जरी व महंगी गाड़ियां बरामद की गई हैं। इनमें बीएमडब्ल्यू, पजेरो, फॉर्च्यूनर व इनोवा सहित कई गाड़ियां हैं। गिरोह चेसिस व इंजन नंबर में फेरबदल कर करोड़ों कमा रहा था। गिरोह का नेटवर्क पूरे देश में है और नेपाल में भी गाड़ियां भेजता था।
आरोपियों में अमीनाबाद के मॉडल हाउस निवासी नासिर खान उर्फ छोटी, पुराने कार बाजार का मालिक हुसैनाबाद ठाकुरगंज निवासी रिजवान, कानपुर के बर्रा का बड़ा कबाड़ कारोबारी श्यामजी जायसवाल, आलमबाग निवासी विनय तलवार और हसनगंज के शिवनगर खदरा का मोईनुद्दीन खान उर्फ पप्पू खान हैं। कमिश्नर ने बताया कि डीसीपी पूर्वी सोमेन वर्मा, एडीसीपी पूर्वी अमित कुमार और एसीपी विभूतिखंड की टीम ने इस गिरोह का खुलासा किया है।
फर्जीवाड़े में गिरफ्तार नासिर खान उर्फ छोटी पुलिस भोजपुरी फिल्मों का कलाकार है। उसने भोजपुरी फिल्म ‘मुकद्दर’, ‘बागी एक योद्धा’ व ‘मुकद्दर का सिकंदर’ में पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका निभाई है। वहीं, असल जिंदगी में वह चोरी की गाड़ियों का धंधा कर रहा था। इंस्पेक्टर क्षितिज त्रिपाठी ने बताया कि पकड़े जाने पर नासिर ने खुद को धासू न्यूज पोर्टल का वरिष्ठ पत्रकार बताते हुए रौब जमाने का प्रयास किया। लेकिन, पुलिस के सामने उसकी एक नहीं चली।एडीसीपी अमित कुमार ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त हुसैनाबाद निवासी रिजवान बीते दो दशकों से गाड़ियों की खरीद-फरोख्त का व्यवसाय कर रहा है। वह चोरी की गाड़ियों के इंजन व चेचिस नंबर में हेराफेरी करता और फिर इन्हें ओएलएक्स या फिर कार डीलरों के माध्यम से ग्राहकों को बेचता था।
रिजवान ने कबूला कि उसने इस धंधे से करोड़ों रुपये अर्जित किए, जिससे लखनऊ व आसपास के जनपदों में कई प्रॉपर्टी खरीदी। अब वह बैंकॉक में होटल खोलने की योजना बना रहा था। उसे नेपाल के रास्ते बैंकॉक जाना था, लेकिन लॉकडाउन होने के चलते वह यह काम नहीं कर सका। पुलिस के मुताबिक रिजवान स्थायी रूप से बैंकॉक में ठिकाना बनाने की तैयारी कर रहा था, ताकि घालमेल का खुलासा होने पर पुलिस उसे पकड़ न सके। एसीपी ने बताया कि रिजवान के कई सफेदपोश लोगों से सम्बंध हैं। उसके पकड़े जाने पर कई कद्दावर लोगों ने पुलिस को फोन करके उसकी पैरवी भी की थी।

