चीन द्वारा निर्मित कोरोना वैक्सिन लगवाने वालों के लिए चीन जाने का दरवाजा खुला
बीजिंग (एएफपी)।
चीन ने अपने दरवाजे एक बार फिर से विदेशियों के लिए खोल दिए हैं। लेकिन इसकी कुछ शर्तें हैं। इसमें पहली शर्त है कि चीन जाने के लिए वीजा एप्लाई करने वाले व्यक्ति ने सिनोफार्म या चीन की बनाई अन्य तीन कोरोना वैक्सीन की एक या दो डोज ली हो। इसमें एक शर्त ये भी है कि यदि व्यक्ति ने एक ही डोज ली है तो वो 14 दिनों के अंदर वीजा के लिए एप्लाई कर सकता है। इसके अलावा एक शर्त ये भी है कि चीन पहुंचने पर व्यक्ति को तीन सप्ताह तक क्वारंटाइन होना होगा। एएफपी के मुताबिक चीन ने वीजा देने की प्रक्रिया को फिलहाल उन लोगों के लिए बंद किया हुआ है जिन्होंने किसी अन्य देश की बनाई कोविड-19 वैक्सीन ली हो।
चीन की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि चीन दोबारा से भारत, पाकिस्तान, फिलीपींस, इटली, श्रीलंका के नागरिकों को अपने यहां पर आने की इजाजत दे रहा है। आपको बता दें कि चीन ने दुनिया के कई देशों में स्वदेशी कंपनी सिनोफार्म की वैक्सीन को भेजा है। इसमें पाकिस्तान समेत इंडोनेशिया, कंबोडिया और तुर्की भी शामिल है। फिलीपींस की बात करें तो दो सप्ताह पहले ही यहां चीन ने अपनी बनाई वैक्सीन की करीब 6 लाख खुराक वहां भेजी हैं। इसके बाद वहां पर वैक्सीनेशन काम शुरू हो गया है। चीन ने 40 करोड़ वैक्सीन की खुराक विभिन्न देशों को भेजी हैं। किन्तु अब तक नेपाल में चीन का वैक्सिन नहीं आया है ।
गौरतलब है कि चीन ने अपने पिछले वर्ष मार्च में वैश्विक महामारी कोविड-19 की वजह से अपनी सीमाओं को सील कर दिया था। शुरुआत में चीन में मामले तेजी से बढ़े थे लेकिन बाद में इस पर काबू पा लिया गया। विभिन्न देशों में मौजूद चाइनीज एंबेसी ने नोटिस जारी कर कुछ देशों के नागरिकों को अपने यहां आने की इजाजत देने की जानकारी दी है। चीन जाने वाले व्यक्ति बिजनेस, काम या मानवीय जरूरत के आधार पर जैसे अपने परिवार के पास वापस आने जैसे कारणों से वहां जा सकते हैं। आपके हम यहां पर ये भी बता दें कि चीन की वैक्सीन को लेकर कई तरह के विवाद भी जुड़े हैं। इसके बाद भी चीन का विदेशों को अपनी वैक्सीन भेजना जारी है।

