Sat. Jun 27th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

जीवनसाथी का सहयोग हो तो हर मंजिल फतह है : डॉ नीलम सिंह

Dr Nilam Singh
 
Dr Nilam Singh
डॉ नीलम सिंह, अस्सिटेंट प्रोफेसर
सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी

आज नारी आत्म निर्भर उमंग एवं जोश से परिपूर्ण अपनी सफलता के लिए संघर्षरत है । महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में अग्रसर हैं । सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक तथा अन्य सभी क्षेत्रों में अग्रसर होने के साथ–साथ हर उस क्षेत्र में कुशलता पूर्वक काम कर रही हैं जिन्हें अब तक पुरुषों का काम माना जाता था । पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती स्त्री किसी भी मायने में उनसे कमतर नही रह गयीं है । शिक्षा से जहाँ उसके विचार आधुनिक हुए हैं वहीं उसने अपने लिए निषिद्ध माने जाने वाले पुरुषों के क्षेत्र में सेंध लगाई है । भले ही उनकी संख्या अभी कम हो, लेकिन शुरुआत तो हो ही गयी है । पाताल की गहराइयों से लेकर आकाश की ऊंचाइयों तक को नापने में स्त्रियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है । स्त्री को पुरूष की सहधर्मिणी और सहकर्मिणि के रूप में उसकी अर्द्धागिनी माना गया है तथा स्त्री के बिना पुरूष को अपूर्ण समझा गया है लेकिन यह भी सत्य है कि पुरूष के बिना स्त्री भी अधूरी है ।

यह भी पढें   स्वर्गद्वारी नगरपालिका के उपप्रमुख मीनराज राना मगर की सड़क दुर्घटना में मृत्यु

इस मामले में मैं खुद को बहुत धनी मानते हूँ कि भगवान ने मुझे ऐसा जीवन साथी दिया जिन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया है । आज मैं जिस मुकाम पे हूँ उसमें मेरे माता–पिता जी का आशीर्वाद एवं मेरे पतिदेव जी जिन्हें प्यार से ईश जी कहते हैं का बड़ा सहयोग है जिनके साथ बैठकर मैं अपनी समस्त परिश्रम जनित क्लान्ति भूल जाती हूं । एक मसि–जीवी के लिए ऐसे पति का क्या महत्व हो सकता है इसे वही जान सकता है जिसे ऐसे पतिदेव व माता–पिता मिलने का सौभाग्य प्राप्त है ।

यह भी पढें   फीफा विश्वकप २०२६ – कौन सी टीमें नॉकआउट चरण में पहुंची

मेरी एक बेटी है जब मैं अपना शोध कार्य कर रही थी तो बराबर जिज्ञासु बनी रही कि मां क्या लिख रही हो ? जब मेरे नाम के आगे डॉ लगा और मैं लेक्चरर बनी तो उसे अत्यंत निर्मल गर्व मिश्रित हर्ष हुआ कि मेरी मां आज इस मुकाम पे है । उसका यह हर्ष मेरे जीवन का काम्य है । वे जीवन भर इसी प्रकार हर्षित बनी रहें ।

मेरा यह मानना है कि जीवन में कुछ भी दुर्लभ नही है बस परिवार और जीवनसाथी का सहयोग हो तो हर मंजिल फतह है ।
“नारियां दिव्य चिंतन जगायें अगर
हर मनुज देव बनता चला जायेगा” ।।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed