Thu. Jul 23rd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

कब थमेगा भारत में कोरोना का कहर, जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

 

भारत  में कोरोना वायरस का कहर जारी है। कोरोना की दूसरी लहर ने भारत में ऐसी तबाही मचाई है कि चारों ओर अस्पताल, बेड और ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मचा हुआ है। इस बीच मशहूर टीका विशेषज्ञ गगनदीप कांग ने कहा है कि कोरोना वायरस मामलों में मौजूदा वृद्धि मई के मध्य से आखिर तक नीचे आ सकती है। कांग ने कहा कि कोरोना वायरस मामलों में एक या दो और उछाल आ सकती है लेकिन शायद यह वर्तमान दौर जैसा बुरा नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि फिलहाल यह उन क्षेत्रों में जा रहा है जहां वह पिछले साल नहीं पहुंचा यानी मध्य वर्ग को अपना शिकार बना रहा है, ग्रामीण क्षेत्र में अपना पैर पसार रहा है। लेकिन वायरस के जारी रहने के आसार कम हैं। टीके के बारे में डर दूर करते हुए उन्होंने कहा कि वे प्रभावी हैं और टीकाकरण अभियान में तेजी लाने की जरूरत है। कांग ने कोरोना वायरस की जांच में गिरावट पर चिंता प्रकट की और कहा कि मामलों का अनुपात जांच से प्राप्त आंकड़ों से कहीं ज्यादा हैं।

यह भी पढें   बीपी स्मृति दिवस में ‘बीपी विचार गोष्ठी एवं काव्य उत्सव’ का आयोजन

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि विभिन्न मॉडलों के अनुसार (मामलों के नीचे आने का) सबसे सही अनुमान इस माह के मध्य और आखिर के बीच कहीं हैं। हालांकि कुछ मॉडलों के अनुसार यह जून के प्रारंभ में होगा, लेकिन हम जो देख रहे हैं, उसके अनुसार यह मई के मध्य से आखिर तक (का अनुमान) है। वायरस की लहरों के बारे में अनुमान के संबंध में कांग ने कहा कि कोई भी व्यक्ति यह अनुमान लगाने के लिए (वायरस की) किस्म की विशेषता और महामारी की विभिन्न बातों का इस्तेमाल कर सकता कि किसी खास स्थान पर क्या होने जा रहा है बशर्ते कि आंकड़ा गणितीय प्रतिमान फलक के स्तर पर उपलब्ध हो।

यह भी पढें   सुकुम्बासियों को उनके गृह जिलों में वापस भेजने का निर्णय

जब उनसे इस वायरस के भविष्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह वाकई बुरे फ्लू वायरस की भांति मौसम सापेक्ष हो जाएगा। यह अधिक मौसम सापेक्ष जैसा कुछ हो जाएगा, यह शांत हो जाएगा और यह कि लोग बार-बार की प्रतिरोधकता एवं टीकाकरण के कारण एक निश्चित स्तर तक प्रतिरोधक क्षमता हासिल कर लेंगे।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *