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मथुरा के गोवर्धन में शरद पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर महारास की लीला ने द्वापर युग को जीवंत किया

 

 

मथुरा के गोवर्धन में शरद पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर महारास की लीला ने एक बार फिर द्वापर युग को जीवंत कर दिया। मंगलवार शाम को दीपों की रोशनी से चंद्र सरोवर झिलमिला उठा। शरद पूर्णिमा पर प्रभु की महारास लीला देख ब्रज का कण कण खुद को धन्य मानने लगा। ब्रज के मंदिरों में ठाकुरजी ने श्वेत वस्त्र धारण कर भक्तों को दर्शन दिए। पदम् श्री सम्मानित शेखर सेन ने नृत्य नाटिका की प्रस्तुति देकर जमकर तालियां बटोरी। सूर की साधना स्थली परसौली के चंद्र सरोवर पर आयोजित महारास मंचन देखने के लिए सांसद हेमा मालिनी, ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्र और भाजपा विधायक कारिंदा सिंह भी पहुंचे। महारास की लीला देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया।
राधाकृष्ण का ब्रज गोपिकाओं के संग महारास का यह उत्सव शरद पूर्णिमा पर निराला ही होता है। चंद्र सरोवर में 51 सौ दीप जलाए तो महारास स्थल रोशन हो गया। गिरधारी मुखिया, ओम प्रकाश कौशिक ने चंद्र सरोवर की लहरों को दीपों से सजाया था। अद्भुत सौंदर्य पर चंद्र सरोवर भी इठला रहा था। स्वर और सुर के संगम में बही भक्ति की रसधारा और बांसुरी की धुन दर्शकों को आनंद के चरम पर पहुंचा रही थी।

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मलूक पीठाधीश्वर आचार्य राजेंद्र दास और संत सियाराम बाबा के सानिध्य में आयोजित हुई महारास लीला को दर्शक अपलक निहारते रहे। मंदिरों में भगवान रास बिहारी को खीर का भोग समर्पित किया गया। इस अवसर पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

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