विश्व नदी दिवस पर भारत-नेपाल कमला मैत्री मंच काएक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

जनकपुरधाम/मिश्रीलाल मधुकर। भारत और नेपाल में कमला नदी को सम्पूर्ण संरचना के सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए आज दिनांक 23 सितम्बर 2023 को भारत-नेपाल कमला मैत्री संघ द्वारा एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन दरभंगा में किया गया। प्रथम सत्र श्री हृदय नारायण चौधरी और द्वितीय सत्र की अध्यक्षता प्रो. विद्या नाथ झा ने की |
भारत और नेपाल में कमला नदी को मैया/माय के नाम से संबोधन किया जाता है। दोनों देश में इस नदी को जीवनदायनी भी कहते हैं। खेती-किसानी और सांस्कृतिक विरासत को विकसित करने में कमला नदी की महत्वपूर्ण भूमिका है। इन्ही साझा विरासत को बचाने, गहराते पेय जल संकट को रोकने एवं पर्यावरण की रक्षा करने के लिए भारत-नेपाल कमला मैत्री मंच का गठन दोनों देश के सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया है। इस कार्यशाला में दोनों देश के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आम सहमती से कमला नदी की सम्पूर्ण संरचना के सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए:
1. नेपाल में कमला नदी के जल संग्रहण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हरित पट्टी विकसित करके इसकी सुरक्षा किया
जाय | 2. नेपाल के तराई के सिरहा और धनुषा जिला तथा इससे ऊपर शिवालिक पहाड़ी के क्षेत्र के साथ-साथ कमला माय सिन्धुली गढी में कमला के बहाव क्षेत्र का सुदीढीकरण किया जाय साथ ही इस बहाव वाले चूरे क्षेत्र में
हरित पट्टी का विकास किया जाय ।
3. भारत और नेपाल में कमला नदी के बहाव क्षेत्र में जहां कहीं भी अतिक्रमण हुआ है, उसे अतिक्रमण मुक्त
किया जाय।
4. भारत (मिथिला क्षेत्र में) कमला के 9 धाराएं / धार, यथा गौसा-घाट कमला बिस्फी कमला केउटी कमला, रहिका कमला, जीवछ कमला, राजनगर कमला, मधुबनी कमला, पदघाट कमला, रामपट्टी कमला जिन्हें बाढ़ नियंत्रण के नाम पर बंद कर दिया गया है, उन्हें पुनर्जीवित किया जाये । 5. कमला नदी के बहाव (धारा और उप-धारा) से जुड़े पोखर और चौर, जो मृतप्राय हो गया है, उन्हें पुनर्जीवित
किया जाय।
6. दोनों देश में कमला नदी के बेसिन में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जाय ताकि रासायनिक खाद और किटनाशक के बढ़ते प्रदुषण को रोका जाय । 7. भारत सरकार और नेपाल सरकार द्वारा एक संयुक्त कमिटी बने जो कमला नदी की सुरक्षा और संरक्षण के
लिए समग्रता में योजना बनाये ।
विदित हो कि भारत सरकार द्वारा 2013 में गठित आई.आई.टी. कनसोर्टियम ने भी अपने परामर्श में उपर्युक्त सुझाव के साथ-साथ और भी अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं जिस भारत और बिहार सरकार द्वारा गंभीरतापूर्वक अमल किया जाय |
नेपाल से विक्रम यादव ‘जल प्रहरी, अर्जुन कुमार मंडल, नरेश चन्द्र बर्बरिया, श्याम नारायण यादव और भारत (बिहार) से भूपेंद्र चौधरी, हृदय नारायण चौधरी, अभिनव बाँस, तरुण कुमार मिश्र, रूपम देव, अजित कुमार मिश्र, मनीष कुमार, अभिषेक कुमार झा, मिश्री लाल मधुकर, अभिषेक झा, इंदिरा कुमारी, प्रेम शंकर झा, अमर नाथ चौधरी, राम लोभित चौधरी, शाश्वत मिश्र, मोद नाथ मिश्र, डॉ अशोक कुमार सिंह, धनन्जय कुमार, शंकर यादव, संजय ‘कुमार ‘बबलू’ नारायण जी चौधरी आदि लोगों ने इस कार्यशाला में भाग लिए । कार्यक्रम का संचालन नारायण जी चौधरी द्वारा किया गया ।


