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अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय से प्रधानमन्त्री दाहाल ने किया आग्रह… मानव जाति को बचाने के लिए हमारे हिमाल की रक्षा करें

 

काठमांडू, १६ मंसिर – प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल ने (कोप–२८) में अपनी बातों को रखते हुए कहा कि यदि मानव जाति को बचाना है तो हमारे हिमाल की रक्षा करनी होगी । नेपाल की ओर से पहली बार जलवायु परिवर्तन सम्बन्धी संयुक्त राष्ट्रसंघीय सम्मेलन(कोप–२८) में उच्चस्तरीय राउन्ड टेबल बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमन्त्री दाहाल ने हिमाल की रक्षा के लिए अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय से आह्वान किया है ।
शनिवार दुबई में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमन्त्री दाहाल ने हिमाली देश और वहाँ की बस्ती की पीड़ा को समझने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है । उन्होंने कहा कि –मैं नेपाल के प्रधानमन्त्री की हैसियत से सभी अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील करता हूँ कि हमें बचाएं और हमारे हिमाल को भी । हिमाली क्षेत्र में बसे लोगों की पीड़ा को समझने, सम्भावित समाधान खोजने और समस्या से बाहर निकालने के लिए हिमाल और जलवायु परिवर्तन सम्बन्धी संवाद की शुरुआत करने की मैं दृढ़तापूर्वक सुझाव देता हूँ ।’

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प्रधानमन्त्री दाहाल ने विश्व के नेताओं से आग्रह करते हुआ कहा कि हिमाल, हिमाली पारस्थितिक प्रणाली और हिमाली जनता के अच्छे भविष्य की रक्षा करने के लिए हमें एक साथ चलना चाहिए ।
प्रधानमंत्री ने अपने मंतव्य में कहा कि हिमाल, हिमाली सभ्यता, हिमाली पारिस्थितिक प्रणाली और हिमाल के बासिन्दों के संरक्षण और प्रबर्द्धन करने के लिए हिमाल में जलवायु परिवर्तन से जो चुनौतीपूर्ण कठिनाईयां आई हैं, उस चुनौती का साझा सामना करने में सहयोग और ऐक्यबद्धता हासिल करने की तलाश में हैं ।
नेपाल की ओर से प्रधानमन्त्री दाहाल की अध्यक्षता में इस बैठक को संयुक्त राष्ट्रसंघका महासचिव एन्टोनियो गुटेरेस ने भी सम्बोधन किया । महासचिव गुटेरेस ने कहा कि हिमाल के मुद्दें में सम्बोधन करने में देरी हुई है । इससे अपूरणीय क्षति हुई है । इसके लिए जिम्मेवार देश और निकाय जल्द से जल्द सम्बोधन करेंगे । उन्होंने यह भी कहा कि मैंने स्वयं हिमाल में जलवायु परिवर्तन से जो असर हो रहा है वह देखा है । इसमें पहले ही देरी हो चुकी है । सभी को अब जल्द से जल्द सम्बोधन करना होगा ।
प्रधानमन्त्री दाहाल ने बताया कि ग्लोबल वार्मिङ के १.५ डिग्री सेल्सियस में सीमित चुनौती और प्रतिबद्धता के साथ कोप–२८ में विश्व के नेताओं की जमघट हुई है ।

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