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विवाह पंचमी के दिन अत्यन्त शुभ हर्षण योग बन रहा, जानिए इसका महत्तव

 

काठमान्डू 11 दिसम्बर

हर साल मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी मनाया जाता है। माना जाता है कि इसी दिन मिथिला में सीता स्वयंवर जीतकर भगवान श्री राम ने माता जानकी से विवाह रचाया था। इस शुभ अवसर पर श्री राम और माता सीता की विशेष पूजा का विधान है। इससे आपके सुख-सौभाग्य में तो बढ़ोतरी होगी ही, साथ ही आपके सारे काम भी सिद्ध होंगे।

विवाह पंचमी के दिन प्रभु राम और मां सीता की पूजा करने से शादी से लेकर विद्या और बिजनेस तक में वृद्धि होती है। इस बार विवाह पंचमी के दिन शुभ योग बन रहा है। इस योग का विशेष महत्व बताया जा रहा है। तो आइए जानते हैं विवाह पंचमी की तिथि और योग के बारे में।

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विवाह पंचमी 2023 शुभ योग
इस साल विवाह पंचमी 17 नवंबर, 2023 को मनाया जाएगा। विवाह पंचमी के दिन हर्षण योग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को अत्यंत शुभ माना जाता है। हर्षण योग में रामजी और माता सीता की पूजा करने से कई गुना अधिक शुभ फलों की प्राप्ति होती है। हर्षण योग 17 नवंबर को रात 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा।

विवाह पंचमी तिथि- 17 दिसंबर 2023
पूजा का मुहूर्त (सुबह)- 17 दिसंबर को 8 बजकर 24 मिनट से दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक
विवाह पंचमी पूजा मुहूर्त (दोपहर ) – 17 दिसंबर को दोपहर 1 बजकर 34 मिनट से दोपहर 02 बजकर 52 मिनट तक
विवाह पंचमी पूजा मुहूर्त (शाम)- 17 दिसंबर को शाम 05 बजकर 27 मिनट से रात 10 बजकर 34 मिनट तक
विवाह पंचमी का महत्व
हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक, विवाह पंचमी के दिन भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था। नेपाल के जनकपुर और अयोध्या में विवाह पंचमी की खास रौनक देखने को मिलती है। हिंदू धर्म में राम-सीता की जोड़ी को एक आदर्श पति-पत्नी के रूप में जाना जाता है।

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