Sat. Jun 27th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

मनीमरन आर. सुप्पैयाः मलेशिया का वैश्विक सांस्कृतिक सेतु

 

हिमालिनी, अंक जून २०२५। परिचयः
आज के वैश्विक युग में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो सीमाओं से परे जाकर एकता, प्रगति और उद्देश्य के प्रतीक बन जाते हैं । मलेशिया के वैश्विक राजदूत के रूप में प्रसिद्ध मनीमरन आर. सुप्पैया ऐसे ही एक प्रेरणास्पद नाम हैं, जिन्होंने कूटनीति, मीडिया विशेषज्ञता और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्किंग के माध्यम से देशों के बीच स्थायी संबंधों की नींव रखी है ।
२२ सितंबर १९६७ को जन्मे मनीमरन के पूर्वज भारत के तमिलनाडु से हैं, लेकिन उन्होंने मलेशिया में अपने जीवन और करियर की आधारशिला रखी । वे टीवी निर्माता, पत्रकार, जनसंपर्क अधिकारी, और सरकारी प्रेस सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं ।
वर्तमान में वे कई अंतरराष्ट्रीय पदों पर सक्रिय हैंः
– सलाहकार, वॉयस एशिया न्यूजÞ चैनल
– प्रमुख, कॉर्पोरेट बिजनेस डेवलपमेंट, यूसीएसआई हॉस्पिटल
– अंतरराष्ट्रीय संपर्क अधिकारी, ब्रिक्स–आसियान बिजनेस चैंबर (मलेशिया)
– संस्थापक,

इस विशेष साक्षात्कार में प्रो. एस.एस. डोगरा इस परिवर्तनकारी व्यक्तित्व से खुलकर संवाद करते हैं –

० बॉलीवुड की फिल्म ‘डॉन २’ में आपकी भूमिका काफी दिलचस्प रही । यह अवसर कैसे मिला ?
– यह मेरे जीवन की स्मरणीय यादों में से एक है । मैं सिर्फÞ एक ऑडिशन के लिए गया था, यह नहीं जानता था कि मुझे शाहरुखÞ खÞान के साथ स्क्रीन साझा करने का मौका मिलेगा । फिल्म फरहान अख्तर द्वारा निर्देशित थी और मैं इकलौता मलेशियाई भारतीय कलाकार था जिसे यह अवसर मिला ।
शूटिंग मलक्का में हुई और हम सभी एक ही होटल में ठहरे थे । एक दृश्य में शाहरुखÞ खÞान और बोमन ईरानी को मुझे स्ट्रेचर पर उठाकर ले जाना था—यह शूट आधी रात के बाद हुआ और १२ से अधिक टेक लिए गए । जो बात मुझे सबसे जÞ्यादा प्रभावित कर गई, वो थी क्च्प् की पेशेवर शैली—बिलकुल भी थकावट नहीं, कोई शिकायत नहीं, बस पूरी निष्ठा से हर टेक को बेहतर बनाना । मैंने उन्हें मलय भाषा के कुछ शब्द भी सिखाए! यह पांच दिन की शूटिंग मेरे लिए गर्व और उत्साह का विषय रही ।
० क्या आप इस समय भारत या नेपाल की फिल्म इंडस्ट्री के साथ भी सहयोग कर रहे हैं ?
– जी हां, मैं एक शॉर्ट फिल्म के रीमेक की शुरुआती बातचीत कर रहा हूँ, जिसे मैंने पहले मलेशिया में निर्देशित किया था । यह फिल्म एक थ्रिलर है और बाल शोषण जैसे गंभीर सामाजिक विषय पर केंद्रित है । मेरा मानना है कि कहानी का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता भी होना चाहिए ।
मैं नेपाल की फिल्म इंडस्ट्री के साथ सक्रिय सहयोग की दिशा में काम कर रहा हूँ, ताकि इस फिल्म को एक वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जा सके । विषय अंतरराष्ट्रीय है—तो मंच भी होना चाहिए ।

यह भी पढें   रास्वपा उपसभापति में डा. स्वर्णिम वाग्ले निर्विरोध चुने गए

० वर्तमान में आप किन क्षेत्रों में कार्यरत हैं और भविष्य की क्या योजनाएं हैं ?
– मैं नेपाल–मलेशिया टूरिजÞ्म एक्सचेंज प्रोग्राम पर काम कर रहा हूँ, विशेष रूप से नेगेरी सेमबिलन राज्य को केंद्र में रखते हुए । यह राज्य मलेशिया की बहुसांस्कृतिक आत्मा को दर्शाता है ।
इसके साथ–साथ, मैं शॉर्ट फिल्म्स और सांस्कृतिक आदान–प्रदान कार्यक्रमों को भी विकसित कर रहा हूँ । मेरी एक विशेष योजना है—काठमांडू में भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) का मंदिर बनवाना । इसके लिए जÞमीन चिन्हित कर ली गई है और योजना निर्माण प्रगति पर है । मैं इसे आध्यात्मिक प्रकाशस्तंभ और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में देखता हूँ ।
इस संकल्प में मैं विशेष रूप से अपने नेपाल सहयोगी श्री सुधर्शन थापा और नव सुंथकन अकैडमी का आभारी हूँ, जिन्होंने हर योजना और पहल में लगातार मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया ।
अपनी कंपनी एच्इल्भ्क् च्भकयगचअभक के माध्यम से मैं कई अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में भी कार्य कर रहा हूँ—जैसे नेपाल के जलविद्युत प्रोजेक्ट, इंडोनेशिया के हवाई अड्डे का विस्तार, और तुर्की के साझेदारों के साथ सहयोग ।

यह भी पढें   रास्वपा महाधिवेशन – उम्मीदवारों के प्रस्तावकों और समर्थकों के लिए नियम सार्वजनिक

अंतिम विचारः
मनीमरन आर. सुप्पैया एक ऐसे दूरदर्शी व्यक्तित्व हैं जो संस्कृति, राष्ट्रों और उद्योगों को जोड़ने का कार्य कर रहे हैं । फिल्म से लेकर श्रद्धा, कूटनीति से लेकर विकास तक, उनकी यात्रा इस बात का प्रमाण है कि एक व्यक्ति भी दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकता है ।
उनके शब्दों और कर्मों से यह स्पष्ट है कि
“सच्चे वैश्विक राजदूत केवल देश का प्रतिनिधित्व नहीं करते—वे देशों को जोड़ते हैं ।”

यह भी पढें   नेपाल की प्रतिनिधि सभा की बैठक एक बार फिर स्थगित

 

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed