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कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामनाथ अधिकारी ने अपने पद से इस्तीफ़ा दिया

 

काठमांडू।

कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामनाथ अधिकारी ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर कहा कि उन्होंने कल, 23 ​​गते भाद्र को हुए ‘अलोकतांत्रिक कदमों’ और दमन के विरोध में इस्तीफ़ा दिया है।
उन्होंने बताया कि सरकार की कार्रवाई उन्हें ‘दोषी’ और ‘नैतिकता के विरुद्ध’ बनाती है और वे पद पर बने नहीं रह सकते।

मंत्री अधिकारी ने बयान में कहा, “हमारे बच्चों की पीढ़ी ने हमें देश में व्याप्त भ्रष्टाचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर नियंत्रण के प्रति आगाह किया है। लोकतंत्र में सवाल पूछना और शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करना नागरिकों का स्वाभाविक अधिकार है। इसके विपरीत, मैं यह देखकर स्तब्ध हूँ कि व्यापक दमन, हत्याएँ और बल प्रयोग हमें लोकतंत्र की ओर नहीं, बल्कि तानाशाही की ओर ले जा रहे हैं।”

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उन्होंने पूछा, ‘जिस पीढ़ी को देश के निर्माण में सहयोग करना चाहिए था, उसके साथ युद्ध जैसा व्यवहार कैसे किया जा रहा है?’ उन्होंने कहा कि इसका जवाब माँगे बिना वे सत्ता में नहीं रह सकते। उन्होंने कहा है कि ‘छोटे बच्चों की हत्या और उत्पीड़न के बाद, देश में शोक की लहर के बीच, सरकार में बने रहना मेरे नैतिक मूल्यों और मेरी पार्टी द्वारा मुझे दी गई शिक्षा के विरुद्ध होगा।’

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अधिकारी, जो नेपाली कांग्रेस की ओर से धादिंग 2 से प्रतिनिधि सभा के सदस्य चुने गए थे, 31 आषाढ़ को कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री बने। उन्होंने यह भी कहा है कि उन्हें अपनी पार्टी के लोकतांत्रिक इतिहास पर गर्व है और वे इस सिद्धांत के प्रति प्रतिबद्ध हैं कि अहिंसा लोकतंत्र की आत्मा है।

अंत में, उन्होंने अपनी शुभकामनाएँ व्यक्त की हैं कि ‘जो लोग हमें ‘नेता’ कहते हैं, उनमें यह सामान्य जागरूकता विकसित हो कि हमारे संप्रभु लोग हमसे अधिक सम्माननीय और आदरणीय हैं।’

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