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रास्वपा १३ चैत में बालेन्द्र शाह को प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाने की तैयारी में

 
साभार कांतिपुर

काठमांडू, 24 मार्च। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) ने १३ चैत (मार्च के अंतिम सप्ताह) को वरिष्ठ नेता बालेन्द्र शाह को प्रधानमंत्री और कई अन्य नेताओं को मंत्री पद की शपथ एक ही समारोह में दिलाने की तैयारी की है। पार्टी सभापति रवि लामिछाने और शाह के बीच मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप देने के लिए निरंतर छलफल जारी है। दोनों नेताओं ने आवश्यकतानुसार अन्य शीर्ष नेताओं और संभावित मंत्रियों से भी बातचीत की है।

मंत्रियों की संभावित सूची और मंत्रालयों का बंटवारा:
शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची में पार्टी उपसभापति स्वर्णिम वाग्ले को अर्थमंत्री और शिशिर खनाल को परराष्ट्रमंत्री बनाया जाना लगभग निश्चित है। सुनील लम्साल का भी मंत्री बनना तय है, लेकिन उनका मंत्रालय अभी स्पष्ट नहीं है। उन्हें भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मंत्रालय या गृह मंत्रालय देने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा मंत्रिपरिषद में कम से कम तीन महिला मंत्री होंगी, जिनमें सोबिता गौतम और इन्दिरा राना का नाम प्रमुख रूप से चर्चा में है। सोबिता को सभामुख बनाने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है।

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मंत्रालयों की संख्या और मंत्री चयन प्रक्रिया:
मंत्रालयों की संख्या १५ से १८ के बीच रखने और अधिकतम १५ मंत्री बनाने की तैयारी है। आवश्यकता और क्षमता के आधार पर एक व्यक्ति को दो मंत्रालयों की जिम्मेदारी देने पर भी चर्चा है। उपप्रधानमंत्री रखने या न रखने पर अभी निर्णय नहीं हुआ है। सभापति लामिछाने, वरिष्ठ नेता शाह, उपसभापति डीपी अर्याल और वाग्ले के बीच ५ चैत को रोयल सिंगे होटल में हुई बैठक में मंत्रियों की सूची पर प्रारंभिक छलफल हुई थी। पार्टी महामंत्री कबिन्द्र बुर्लाकोटी ने बताया कि मंत्रियों को लेकर चर्चा जारी है लेकिन अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है। प्रवक्ता मनीष झा ने कहा कि मंत्री बनने वाले सांसदों के व्यक्तित्व, पृष्ठभूमि और अनुभव के आधार पर शीर्ष नेतृत्व निर्णय लेगा।

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सुशासन और राजनीतिक नियुक्तियों पर फोकस:
प्रधानमंत्री शाह और सभापति लामिछाने के बीच सरकार की शुरुआती प्राथमिकताओं और पार्टी के घोषणापत्र में प्रस्तुत योजनाओं के कार्यान्वयन पर भी चर्चा हो रही है। सुशासन के लिए उठाए जाने वाले कदमों और मंत्रालयों में सुधार पर आंतरिक रूप से काम किया जा रहा है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि पिछली सरकारों में राजनीतिक भाई-भतीजावाद के आधार पर की गई नियुक्तियों को हटाया जाएगा और योग्यता के आधार पर ही नियुक्तियां की जाएंगी। कार्यकर्ताओं को जागिर देने के लिए की गई नियुक्तियों को खारेज करने और पार्टी अपने लोगों को न लाने, यदि लाना पड़े तो प्रतिस्पर्धा के आधार पर पदपूर्ति करने की बात कही गई है।

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आगामी कार्यक्रम:
रास्वपा ने संसदीय दल के नेता का चयन करने के लिए केन्द्रीय समिति की बैठक १२ चैत (सांसदों के शपथ लेने के बाद) शाम ४ बजे बुलाई है। पार्टी वरिष्ठ नेता बालेन्द्र शाह को संसदीय दल का नेता चुनकर प्रधानमंत्री बनाने जा रही है। प्रतिनिधिसभा में रास्वपा के पास २७५ में से १८२ सांसदों के साथ स्पष्ट बहुमत है।

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