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प्रधानमन्त्री से जुड़ा अपराध कनेक्सन

 
विनय दीक्षित
जिले में दो हप्ते पहले हुए एक हत्याकाण्ड ने सरकारी सुरक्षा व्यवस्था का पोल खोल दिया है । जिन्हें पुलिस पर विश्वास था, जो सरकारी सुरक्षा को अपना जागीर समझते थे, जिन्हें गुण्डाराज चलाने का गैरकानूनी हक था, वो आज कहीं फरार जिन्दगी बिता रहा है ।
प्रधानमन्त्री सुशील कोइराला निकट माना जानेवाला अपराधी रिगल ढकाल को २ दिन में गिरफ्तार करने का दावा करने वाली पुलिस धीरे–धीरे मौन होती नजर आ रही है । सन्दर्भ है नेपालगन्ज में चेतन मानन्धर हत्याकाण्ड का । नेपालगन्ज ८ निवासी चेतन मानन्धर पहले रिगल का साथी था । पुलिस ने बताया कि निजी टैक्सी स्टैण्ड के जमीन को हथियाने के विषय को लेकर रिगल और चेतन के बीच का विवाद हत्या तक पहुँच गया ।
नेपालगन्ज १ धम्बोझी, जहाँ निजी गाडि़यों की बुकिंग सुविधा संचालन करने के लिए मतभिन्नता के कारण दोनो व्यक्ति में तनाव हुआ, धीरे धीरे मामला दो गुटों का हो गया । जिला पुलिस कार्यालय के कुछ अधिकारियों की मानें तो रिगल चेतन का हत्या नहीं करना चाहता था । लेकिन समस्या जब समझाने से समाधान नहीं हुआ तो रिगल ने अन्ततः हत्या का रास्ता निकाला । रिगल ने आषाढ़ २८ गते चेतन को फोन किया और धम्बोझी स्थित होटल सिद्धार्थ में बातचीत के लिए बुलाया । कब तक युँ ही टकराते रहेंगे, आइए बैठकर बात करते हैं यही कहकर रिगल ने चेतन को बुलाया, मौत से पहले चेतन ने पुलिस को बताया गैंग के बाँकी लोग सिर्फ सपोर्ट के लिए थे, खुँडा प्रहार रिगल ने स्वयं किया ।
खुँडा प्रहार के कारण चेतन का दाहिना हाथ करीब अलग हो गया । वारदात स्थल से तत्काल पुलिस को सूचना मिली और बिना समय बिताए पुलिस ने भी मौके पर कारवाही शुरु कर दी । जिले के चारों तरफ नाकाबन्दी कर दी गई, थोड़ी देर पहले शान्त माहौल का नेपालगन्ज कुछ देर में जगह–जगह टायर के धुएँ में तबदील हो चुका था, २ बजे घटना के करीब २० मिनट में पुलिस ने खदेड़कर ७ लोगों को पकड़ा और रिगल सहित ७ लोग फरार हो गए ।
पुलिस का दूसरे दस्ते ने गाड़ी में ही चेतन का बयान लेते हुए भेरी अंचल अस्पताल पहुँचाया, पुलिस को चेतन ने खुद बताया कि वारदात में, रिगल प्रत्यक्ष रूप से संलग्न है और खुँडा उसी ने प्रहार किया है । भेरी अंचल अस्पताल पहुँचाते समय चेतनका काफी खून निकल चुका था, डाक्टरों ने चेतन को नेपालगन्ज मेडिकल कालेज में रेफर कर दिया । अपराधियों तक पहुँचने के लिए पुलिस जैसे भी चेतन को बचाना चाहती थी लेकिन मेडिकल कालेज ने भी जवाब दे दिया ।
पुलिस ने अन्तिम प्रयास भी नहीं छोड़ा उपचार के लिए काठमाण्डौ ले जाने की तैयारी पुलिस ने तुरन्त शुरु की लेकिन नेपालगन्ज एयरपोर्ट पहुँचने से पहले चेतन ने दम तोड़ दिया । हत्या की खबर से भड़के लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे, पुलिस ने चेतन के शव को नेपालगन्ज मेडिकल कालेज में रख दिया । पुलिस ने तत्काल हत्या में संलग्न लोगों की तलाश शुरु की, वारदात स्थल से गिरफ्तार हुए लोगों के बयान के आधार पर पुलिस ने होटल और घरों में छापामारी शुरु की और नेपालगन्ज २ स्थित होटल इन्द्रेणी के रुम नं.१०४ से और भी हतियार बरामद किया ।
वारदात स्थल से पुलिस ने कोहलपुर निवासी मोहन खड़का, बाँके शम्शेरगन्ज निवासी नवराज खत्री, सुर्खेत निवासी विशाल बस्नेत, रुकुम निवासी प्रशान्त गौतम, बाँके ढकेरी निवासी केशव रोकाय, नेपालगन्ज बेलासपुर निवासी माधव परियार, नेपालगन्ज न्युरोड निवासी प्रीतम थापा पर पुलिस तत्काल कर्तव्य ज्यान मुद्दा आगे बढ़ाया और फरार लोगो की तलाश जारी रही ।
 ऐसे बनी हत्या की योजना  
आषाढ़ २० गते से रिगल ने बाहरी जिले के लोगों को होटल में ठहराया था । बाँके प्रहरी प्रवक्ता डीएसपी सुशील सिंह राठौर के अनुसार रिगल ने खुद अपने नाम पर होटल बुक किया था और खाने रहने का सारा खर्च रिगल ही भुगतान करता था ।
बाहरी युवाओं ने होटल में रहकर चेतन हत्या की योजना बनायी, रिगल ने बात करने के बहाने चेतन को बुलाया और बैक सपोर्ट के लिए युवाओं को साथ में ले गया । काफी देर बात चली जब बात बनती हुई नजर नहीं आई तो रिगल ने खुडा उठाया और चेतन के हात पर २ बार लगातार प्रहार किया ।
वारदात स्थल पर मौजूद रहे एक युवा ने बताया कि समूह में एक अनुसन्धान पुलिस भी सम्मिलित था जिसने हत्या को रोेकने का प्रयास किया । लेकिन कुछ न कर पाने के कारण तुरन्त पुलिस को खबर किया और तत्काल मौके पर पुलिस पहुँची ।
रिगल ढकाल ने घटना के दिन आषाढ़ २८ गते सुबह हरी वली के मोबाइल ९८५८०२७१४३ पर फोन कर घर में बुलाया, हरि वली ने यम बहादुर बुढामगर, विवाद पाठक र मनिश चौलागाई को फोन कर कारकाँदो चौक में भेट करने की योजना बनायी ।
अलग अलग से रिगल के घर पर पहुँचे युवाओं ने रिगल से बातचीत के बाद भे.४.प.४२०१ और भे.५.प.४२२४ नं. के मोटरसाइकल से होटल सिद्धार्थ पहुँचा । और बा.९ च.नम्बर के मारुती से रिगल ढकाल भी सिद्धार्थ पहुँचा ।
सभी युवा १४ लोग होटल पहुँचने के बाद चेतन मानन्धर को फोन कर बातचीत के लिए बुलाया । चेतन को नहीं मालूम था कि मौत उसका इन्तजार कर रही है । बिना और लड़काें के अकेले ही चेतन रिगल से मिलने जा पहुँचा । थोड़ी देर दोनों में बातचीत हुई लेकिन सार्थक निकास न देख रिगल ने तुरन्त खुडा प्रहार कर दिया । एसपी वसन्त पन्त के अनुसार हत्या मुख्य अभियुक्त बाँके नेपालगन्ज ५ निवासी वर्ष ३३ का रिगल ढकाल उर्फ योग ढकाल, नेपालगन्ज २४ निवासी वर्ष २२ का सोहन सिंह ढकाल और वर्ष २३ का दिपेन्द्र सिंह  अभी भी पुलिस फन्दा से बाहर हैं ।
भैरहवा तक ऑप्रेसन
हत्या में संलग्नता की आशंका में पुलिस निरन्तर छापामारी जारी रखे हुए है । घटना के तीसरे दिन पुलिस को फिर बड़ी सफलता हाथ लगी । चेतन हत्या में संलग्न ४ लोगों को भैरहवा से गिरफ्तार किया ।
अनुसन्धान के क्रम में पता चला की कुछ लोग निजी गाड़ी प्रयोग कर भैरहवा पहुँच चुके हैं एसपी पन्त ने कहा, पुलिस ने तुरन्त पीछा करना शुरु किया और भैरहवा से एम बहादुर थापा, मनीष चौलागाई, हरि वलि और विवाद पाठक को गिरफ्तार कर नेपालगन्ज पहुँचाया ।
फिलहाल पुलिस का सरदर्द है रिगल, जो बाँके काँग्रेस युवा दस्ता का अध्यक्ष है, आशंका है कि प्रधानमन्त्री सुशील कोइराला निकट होने के कारण उसके बचाव के लिए दबाव आया हो, जनता की आशंका अब रिगल की जगह प्रधानमन्त्री पर केन्द्रित होती है, अपेक्षा है जब रिगल पकड़ा जाए तो ऐसा सुनने को न मिले वरना प्रधानमन्त्री का आशियाँ तिनके की तरह बिखरने में देर नहीं लगेगा ।

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