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नेपालगंज गृह जिला में प्रधानमन्त्री का पुतला दहन, सीमा नाका समेत बन्द

 

l2.png2सन्दिप कुमार बैश्य, बाँके , साउन ६ गते

तराई के विभिन्न जिला में विभिन्न नेताओं के पुतले जलाए गए हैं । यहाँ तक कि प्रधानमंत्री के गृहजिला बाँके में रविवार को प्र.मं. का पुतला आन्दोलनकारियों के द्वारा जलाया गया है । बाँका के जमुामहम नका के दसगजा में संयुक्त थरुहट मधेशी मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री सुशील कोइरादा का पुतला खहन कि या है । अफ्ने आन्दोलन की मांग के प्रति सरकार गम्भीर नहीं हैं इस धारणा के साथ आज आन्दोलनकारियों ने जमुनाह, त्रिभुवन चोक, त्रिवेणी मोड , विपीचोक लगायत विभिन्न जगहों में प्रधानमन्त्री का पुतला जुलुस निकाल कर जमुनाह सीमा नाका में और त्रिभुवन चोक में जलाया । आन्दोलन को १२ दिन हो चुके हैं किन्तु सरकार की ओर से कोई सम्बोधन नहीं होने की वजह से आक्रोशित भीड़ ने नारे लगाए और पुतला दहन किया । संयुक्त थरुहट मधेसी मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने नेपालगन्ज को लाई प्रादेशिक राजधानी बनाने की माँग रखते हुए राख्दै बन्दकर्ताओं ने शनिबार और आईतबार जमुनाह नाका समेत ठप्प करते आए हैं । बाँके प्रधानमन्त्री सुशील कोइराला का गृहजिल्ला है ।

बन्दकर्ताओं द्वारा बाँके में सीमा नाका समेत बन्द

सन्दिप कुमार बैश्य,बाँके , साउन ६ गते

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संयुक्त थरुहट मधेश संघर्ष समिति और संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेसी मोर्चा के आह्वान परम अनिश्चित कालीन आमहड़ताल के कारण आईतबार १२ हवें भी दिन भी बाँके का जनजीवन कष्टकर बना हुआ है । बन्दकर्ताओं ने शनिबार से भारतीय सीमा नाका समेत बन्द करा दिया है जिकी वजह से जन जीवन और भी कष्टकर हो गया है । जमुनहा स्थित रुपईडिहा नेपालगञ्ज सीमा नाका बन्द होने के कारण सर्वसाधारण को आने जाने में भी असुविधा झेलनी पड़ रही है । मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जमुनहा में बीच रास्ते में टायर जलाकर प्रधानमन्त्री सुशील कोईराला के विरुद्ध नारा लगाते हुए प्रदर्शन किया है । बन्दकर्ताओं ने इलेक्ट्रिक रिक्सा लगायत सम्पूर्ण सवारी साधन सञ्चालन में रोक लगा दिया है । सीमावर्ती भारतीय बजार रुपईडिहा से आने वाले खाद्यान्न और अत्यावश्यक सामग्री लाने पर भी रोक लगा दिया गया है । नाका में पैदल और साइकल मात्र आने जाने की छूट है यह जानकारी मोर्चा ने दी है और साथ ही ज्यादा से ज्यादा ५ किलो तक की खाद्यान्न सामग्री लाने की छूट दी गई है । बन्द की वजह से कार्यालयों पर भी असर पड़ा है । मधेश केन्द्रित दल संविधान के मसौदे के प्रति असंतुष्टि जनाते हुए लगातार आन्दोलन करते आ रहे हैं । बन्द के कारण आईतबार भी नेपालगञ्ज की कोई भी दुकान नहीं खुली है । बन्दकर्ताओं ने नगर के विभिन्न चोक में प्रदर्शन करने के साथ ही प्रधानमन्त्री के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं । । बन्द के कारण यातायात के साधन नहीं चल रहे हैं और न ही उद्योग धन्धों का संचालन हो रहा है । मोर्चा ने सरकारी, अर्धसरकारी, गैरसरकारी, प्राधिकरण लगायत कार्यालय के प्रमुखों द्वारा कार्यालय बन्द करा के कामकाज ठप करने का आग्रह मोर्चा ने किया है । । आन्दोलन को सशक्त और प्रभावकारी बनाने के लिए सरकारी कार्यालय बन्द करने का आह्वान किया गया है यह जानकारी थरुहट मधेस संयुक्त संघर्ष समिति बाँके के प्रवक्ता पशुपतिदयाल मिश्र ने दी । आन्दोलन के कारण मालपोत, नापी, विद्युत, आन्तरिक राजश्व, नेपालगन्ज उपमहानगरपालिका, जिल्ला शिक्षा, हुलाक, कृषि, जिल्ला बन लगायत के कार्यालय ठप है आन्दोलनकारी ने दावी किया है ।

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नेपालगन्ज के व्यापारी बन्द के विरुद्ध में आए ।

सन्दिप कुमार बैश्य, बाँके , साउन ६ गते

साउन २६ से बन्द के कारण व्यापार धरासायी हा रहा है और बन्दकर्ता के तोड़फोड़ के विरुद्ध में व्यापारी वर्ग प्रतिकार में आ गए हैं । व्यापारियों ने बन्द के विरोध में आईतबार प्रतिकार जुलुस निकाला है । बन्दकर्ताओं और बन्द खुलवाने के बीच आईतबार शाम में पत्थरबाजी हुई है । धम्बोजी और विपी चोक के बीच में तनाव होने और पत्थरबाजी होने के बाद प्रशासन के सामान्य दखल के बाद स्थिति नियंत्रण में आई यह जानकारी बाँके के प्रहरी प्रमुख प्रहरी उपनिरीक्षक बसन्तकुमार पन्त ने दी । व्यापारी डिल्लीप्रसाद जैसी ने संकटाल में व्यापारी और सर्वसाधारण नागरिक के ऊपर आक्रमण नहीं होने की बात बताई है और कहा कि अभी का बन्द उग्र होने के कारण विरोध रैली निकाली गई है । इसी तरह टेम्पो व्यवसायी सुदिप क्षेत्री ने कहा कि १५ दिन से व्यवसायी मुश्किल में हैं । इसलिए प्रतिकार में उतरने की बाध्यता है । व्यापारी ने मोटरसाईकल तोडफोड करने और सटर बन्द कराने वाले आन्दोलनकारियों को धम्बोजी से भगाया था । बन्द के समर्थन में रहे संयुक्त मधेशी मोर्चा के नेताओं ने विजय गुप्ता और पशुपति दयाल मिश्र को बन्द खुलवाने वाले पक्षों के द्वारा घेराबन्दी में लिए जाने के कारण कुछ समय के लिए वातावरण तनावग्रस्त हो गया था ।

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