भारत का महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज द्वारा 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में सखुआ प्रसौनी में योग सत्र का आयोजन
बीरगंज (नेपाल),13 जून 2026 । भारत का महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज (नेपाल) ने सखुआ प्रसौनी ग्रामीण नगरपालिका, पर्सा के सहयोग से 13 जून 2026 को श्रीपुर बाजार, औराहा पंचगांवा, सखुआ प्रसौनी-2 में एक योग कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के वैश्विक उत्सवों की पूर्व-संध्या के रूप में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में सखुआ प्रसौनी ग्रामीण नगरपालिका के लगभग 350 प्रतिभागियों ने भाग लिया। मधेश प्रदेश के माननीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री शंकर प्रसाद चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे, जबकि सखुआ प्रसौनी ग्रामीण नगरपालिका के मेयर श्री जसवंत यादव विशिष्ट अतिथि थे।
मुख्य अतिथि श्री शंकर प्रसाद चौधरी ने दैनिक जीवन में योग की प्रासंगिकता पर बल दिया और प्रतिभागियों से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण के लिए इसे नियमित अभ्यास के रूप में अपनाने का आग्रह किया। श्री जसवंत यादव ने सखुआ प्रसौनी में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए वाणिज्य दूतावास का आभार व्यक्त किया और स्थानीय समुदाय के लाभ के लिए भविष्य में भी इसी तरह के कार्यक्रमों के लिए निरंतर सहयोग का अनुरोध किया।
महावाणिज्य दूत श्री डी. एस. मीना ने योग को विश्व के लिए भारत का प्राचीन उपहार बताया और समग्र स्वास्थ्य, सद्भाव और आंतरिक शांति को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि योग भारत-नेपाल संबंधों को मजबूत करने वाला एक सशक्त सांस्कृतिक सेतु है।
कार्यक्रम में जगर्नाथपुर ग्रामीण नगरपालिका (पर्सा) के मेयर श्री श्रीकांत यादव और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों सहित सशस्त्र पुलिस बल, पर्सा के एसपी तथा राष्ट्रीय अनुसंधान विभाग, पर्सा के एसपी एवं जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने भी भाग लिया। पतंजलि योग समिति के सदस्यों और छात्रों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय निवासियों सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
स्थानीय निवासियों ने सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया और योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के सामूहिक संकल्प के साथ सत्र का समापन हुआ।
यह कार्यक्रम 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारत के महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला का पहला आयोजन था।






