Fri. Apr 24th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें himalini-sahitya

सूफ़ियाना इश्क़ :मनीषा गुप्ता

 

अंबर धरती कुछ यूँ गुनगुनाती है और मैं कुछ यूँ खो जाती हूँ जैसे रच गया हो अम्बर भी मेरे प्यार के रंग में
और दिशाएँ मेरे तेरे प्यार की साक्षी बन मंत्रो की ध्वनि सी चहु दिशा में ध्वनित हो झंकृत हो जाती हैं।

”  मेरा इश्क़ हुआ सूफ़ियाना साgetimage
तेरे इश्क़ में मैं हुई बाबरी
जग सारा मेरा कायल हुआ
मैं घुमु तेरी दीवानी सी !!

मीरा के जैसा इश्क मेरा
और राधा जैसी तुझ पर
वारी हूँ ……….!!

यह भी पढें   मनुमुक्त 'मानव' मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा स्मृति-समारोह आयोजित *राजेंद्रसिंह रावल को मिला 11,000/- का मातादीन-मूर्तिदेवी स्मृति-पुरस्कार

तू दीप बना मेरे जीवन का
मैं तेरे दिए की बाती सी
तुझ में ही जल जाउंगी
तेरी हूँ यही कहलाऊँगी !!

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *