बाहरी चक्रपथ निर्माण के लिए ७ अर्ब की लागत, क्या चाइना का अनुदान मिलेगा : विजेता
विजेता, काठमाण्डौ, पौष,२९ । बाहरी चक्रपथ आयोजना लागु हुए दश वर्ष के बाद भी निर्माण कार्य आरम्भ होने का कोइ आसार नजर नहीं आता ।
चोभार से सत्तुगंल तक ७१.९३ लगभग ७२ मिलो मिटर का आउटर रिंग रोड निर्माण होने की बात यद्यपि कभी कभार जोडदार ढंग से उठती है ।
इस सन्दर्भ में बाहरी चक्रपथ विकास आयोजना के कामु आयोजना प्रमुख दिपक श्रेष्ठ बताते हैं कि नई नापी का कार्य समाप्त होने को है । उन्होंने बताया कि नया नापी का कार्य आरम्भ की जाने की वजह से निर्माण कार्य में देर हो रहा है ।
श्रेठ ने बताया कि नई नापी का कार्य समाप्त होते ही चार किला मिलाया जाएगा उसके बाद सुचना जारी किया जाएगा । तथा उसके ३५ दिन पश्चात काम शुरु हो जाएगा ।
श्रेष्ठ ने अब ज्यादा समय नही लगेगा बताते हुये कहा कि चोभार से सतगंल तक ५० मिटर का रिंग रोड बनाया जाएगा । उन्होने ६, ८ तथा ११ मिटर का रोड भी निकाला जाएगा बताया । जो प्रोजेक्ट निर्माण अवधी के भितर चलता रहेगा । उन्होंने नापी ट्रान्सफर के कारण हि आउटररिंग रोड निर्माण कार्यमे समय लग रहा है बताते हुये कहा कि सरकार द्वारा बजेट उपलब्ध करबाते ही काम आगे बढा दिया जाएगा ।
कामु प्रमुख श्रेष्ठ ने कहा चाइना द्वारा लागनी किया जाएगा या नहीं इस विषय मे हमे जानकारी नही करबाया गया है ।
चाइना द्वारा इस बार प्रदान किया जाने बाला अनुदान मे आउटर रिंग रोड का निर्माण सामिल है या नहीं इस विषयम में सडक विभाग ने अभी तक कोइ निर्णय नहीं किया है ।
बाहरी चक्रपथ निर्माण के लिए ७ अर्ब रुपया का लागत तेैयार किया गया है । श्रेष्ठ बताते है लागत प्रत्येक वर्ष बढती जा रही है अतः ७ अर्ब से अधिक पैसा भी लग सकता है ।
गौरतलब है, आउटर रिंग रोड निर्माण होने पर बातावरणीय असर को लेकर वातावरणविद ने खासा विरोध जताया था । यद्यपि बातावरण के दृष्किोण से अध्ययन किया गया या नहीं इस विषयम में सरोकारबालों का जिज्ञासा बना रहता है ।
बहरहाल इस सन्दर्भ में प्रमुख श्रेष्ठ बताते हैं कि हम जगह जगह पार्क, बालउद्यान, खुलाक्षेत्र बनाकर मात्र बाहरी सडक निर्माण कर रहें हैं । उन्होंने इस सन्दर्भ में अध्ययन कर के ही निर्माण होने की जानकारी दी । उन्होंने बाहिरी चक्रपथ के निर्माण से शहर और सुन्दर होने की बात कही ।
बाहरी चक्रपथ निर्माण का कार्य अभी आगे नहीं बढा है लेकिन नापी में जिन लोगों की जमीने आ रही है उन्हे उचित मुआब्जा मिलने का संदेह बरकरार है ।
यद्यपि आयोजना के कामु प्रमुख क्षेष्ठ ने जमिनदारों को उचित मुआब्जा, सही जमीन तथा प्लट तक दिया जाएगा बताया है । उन्होंने जमीन के मालिकों को मुआब्जा को लेकर चिन्तित नहीं होने का आग्रह किया ।


