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काबुल में रविवार को राष्ट्रीय शोक मनाया गया

 

काबुल।

अफगानिस्तान में काबुल विस्फोट समेत आतंकी हमलों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए रविवार को राष्ट्रीय शोक मनाया गया।

काबुल में शनिवार को तालिबान के आत्मघाती हमले में 95 लोगों की मौत हो गई और 191 अन्य घायल हो गए। अफगानिस्तान में रविवार को राष्ट्रीय शोक के दौरान सभी सरकारी इमारतों और विदेश में सभी अफगान दूतावासों में अफगान राष्ट्रीय झंडे आधे झुके रहे।

अफगान राष्ट्रपति पैलेस के मुताबिक, सरकार ने विस्फोट प्रभावित लोगों की मदद के लिए सोमवार को काबुल में छुट्टी की घोषणा की है।

जबकि मंगलवार को मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए राष्ट्रपति पैलेस और देश की सभी मस्जिदों में विशेष प्रार्थना की जाएगी।

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अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी, चीफ एक्जीक्यूटिव अब्दुल्ला अब्दुल्ला, संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न देशों ने शनिवार के हमले की निंदा की है।

नागरिकों ने जताई नाराजगी शनिवार के आत्मघाती विस्फोट के बाद लोगों में आतंकी हमले रोक नहीं पाने को लेकर गुस्सा है।

उन्होंने सोशल मीडिया में इसका इजहार किया है। फ्रेश्ता करीम ने ट्विटर पर लिखा, ‘हम इस कदर टूट गए हैं कि हमें पता नहीं, कैसे दिन की शुरुआत की जाए।

हम घर पर रहें या काम पर जाएं, यह समझ में नहीं आता।’ नासिर दानिश ने ट्वीट किया, ‘काबुल में दिन की शुरुआत विस्फोट से न हो, तो यह आश्चर्य की बात होगी।’

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फेसबुक पर नवीद कादरी ने लिखा, ‘यह सरकार के लिए बड़े शर्म की बात है, वह हमेशा लोगों की रक्षा में विफल रही।’

विस्फोट स्थल के नजदीक की दुकान वाले मुहम्मद हनीफ का कहना है, ‘हम यहां कैसे रहें और कहां जाएं। हमारे पास न तो सुरक्षा है और न ही उचित सरकार।’

गौरतलब है कि इससे एक हफ्ता पहले तालिबान ने काबुल में इंटरकंटीनेंटल होटल पर हमला किया था जिसमें 25 लोग मारे गए थे।

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ट्रंप ने निर्णायक कार्रवाई को कहा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तालिबान के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने पिछले साल अफगानिस्तान में ज्यादा अमेरिकी सेना भेजी थी।

उन्होंने आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले तेज करने और अफगान सुरक्षा बलों को अन्य सहायता बढ़ाने का आदेश दिया था।

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि नई अफगान रणनीति से तालिबान पर दबाव पड़ रहा है। हालांकि तालिबान ने कमजोर पड़ने की बात को खारिज किया है।

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