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क्या ओली चीन से पूछने की हिम्मत करेंगे कि ३२ स्थानों पर रहे सीमा विवाद पर क्या धारणा है ? पंकज दास

 

पंकज दास, काठमांडू  | प्रधानमन्त्री के पी शर्मा ओली आज से चीन की यात्रा पर जा रहे हैं। चीन भ्रमण पर जाने वाले नेपाल के प्रधानमंत्री के बारे में कभी भी नेपाली मीडिया में राष्ट्रीय स्वाभिमान की बात नहीं उठाई जाती है। कभी भी राष्ट्र हित के विपरित समझौता पर ऊंगली नहीं उठाई जाती है। सीमा विवाद के बारे में कभी भी सवाल खड़े नहीं होते। क्योंकि काठमांडू की मीडिया, काठमांडू के बुद्धिजीवी, काठमांडू में रहने वाले कूटनीतिक विशेषज्ञ सिर्फ़ भारत को ही अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते हैं।क्योंकि चीन तो उनकी चाची का मायके जैसा है जहां कुछ भी ग़लत हो ही नहीं सकता।

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लेकिन चीन में तो ना तो मेरी चाची का मायके है और ना ही मेरे मौसी का ससुराल ही है। इसलिए हम तो सवाल पूछेंगे ही और वो भी डंके की चोट पर पूछेंगे। क्या प्रधानमंत्री ओली इस बार के अपने चीन भ्रमण के क्रम में नेपाल के राष्ट्रीय स्वाभिमान और राष्ट्रीय हित के कुछ मुद्दों पर चीन के साथ होने वाले द्विपक्षीय वार्ता में सवाल उठाने की हिम्मत कर सकते हैं?

१. क्या ओली यह पूछने की हिम्मत करेंगे कि नेपाल चीन के बीच में ३२ स्थानों पर रहे सीमा विवाद पर चीन की क्या धारणा है?
२. चीन के द्वारा नेपाल के ३९.१३ किमी सीमा पर कब्जा कर लिया गया है। क्या प्रधानमंत्री ओली इस विषय को उठाने की हिम्मत करेंगे?
३. दोलखा जिले के लाप्ची गांव की करीब ६ हेक्टेयर जमीन पर चीन ने १९६२ से ही कब्जा जमाया हुआ है। क्या प्रधानमंत्री इस जमीन को वापस करने के लिए चीन के समक्ष अपना मुंह खोलने की हिम्मत जुटा पाएंगे?
४. नेपाल के राष्ट्रीय स्वाभिमान राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक रहा सागरमाथा की ऊंचाई को ही कम कर के पूरी दुनिया में उसके बारे में झठा भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।
पूरी दुनिया जानती है कि सागरमाथा की ऊंचाई ८८४८ मीटर है। लेकिन साजिश के तहत चीन हमारे सागरमाथा की ऊंचाई को सिर्फ ८८४४ मीटर का ही बताता रहता है।
क्या प्रधानमंत्री ओली चीन सरकार के सामने चीन की इस साजिश का विरोध करने की हिम्मत जुटा पाएंगे?
५. नेपाल में ही रहे लिपुलेक पर चीन आखिर कैसे किसी दूसरे देश के साथ समझौता कर लिया था, क्या प्रधानमंत्री ओली में इस विषय को बातचीत का एजेंडा बनाने का साहस है?
६. चीन अपनी मनमानी करते हुए जब चाहता है तब नेपाल से लगे अपने सीमाओं को बन्द कर देता है। क्या चीन के इस नाकाबंदी पर ओली सरकार कुछ बोल पाएंगी क्या?

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पंकज दास

 

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