बहस – कैसी होगी राजपा की आगामी यात्रा ?
हिमालिनी, मई अंक २०१८ | एक साल पहले (वैशाख ७, २०७४) मधेशवादी विभिन्न ६ पार्टियाें ने मिलकर राष्ट्रीय जनता पार्टी (राजपा) का गठन किया था । गत वैशाख ७ गते पार्टी ने प्रथम वार्षिकोत्सव भी मनाया । कार्यक्रम में उपस्थित पार्टी सम्बद्ध नेता तथा कार्यकर्ता काफी उत्साहित थे । लेकिन कुछ स्वतन्त्र विश्लेषकों का कहना था कि राजपा को ज्यादा उत्साहित होने की जरूरत नहीं । उसी में से एक थे– विश्लेषक सीके लाल । उन्होंने संक्षेप में दो वाक्य कहा– राजपा अभी पार्टी नहीं बनी है, बनने की प्रक्रिया में है । कार्यक्रम में सहभागी पार्टी सम्बद्ध कुछ नेता–कार्यकर्ताओं का भी यह कहना था कि बिना सांगठनिक स्वरूप प्रदान किए राजपा को पार्टी नहीं कहा जा सकता । उन लोगों को मानना है कि जल्द से जल्द पार्टी–संगठन निर्माण और महाधिवेशन होना चाहिए । ऐसी ही पृष्ठभूमि में कार्यक्रम में उपस्थित हिमालिनी प्रतिनिधि लिलानाथ गौतम और विजय यादव ने राजपा सम्बद्ध कुछ नेताओं से बातचीत की और यह जानने की कोशिश की कि राजपा नेता पार्टीगत उपलब्धि की एक साल की समीक्षा कैसे करेंगे ?, आगामी दिनों की प्राथमिकता क्या होगी और पार्टी कैसे आगे बढ़ेगी ?, राजपा सरकार में शामिल होने की बात भी हो रही है, इसके बारे में क्या खयाल हैं ? मधेश मुद्दा अब किस तरह आगे बढ़या जाएगा ? प्रस्तुत है उक्त सवालों के जवाब का सम्पादित अंश –
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