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हमारी मान्यता के अनुसार संविधान संशोधन करवाना है : शरतसिंह भण्डारी

 

हिमालिनी, मई अंक, २०१८ | राजपा के पास अवसर और चुनौती दोनों है । आज हमारे सामने मधेशी जनता को विश्वास दिलाना है कि राजपा मधेशी जनता के लिए ही काम कर रही है । और दूसरी चुनौती यह है कि पार्टी को संगठित दृष्टिकोण से कैसे मजबुत बनाए रखें । उसके लिए जितनी जल्दी हो सके महाधिवेशन होना चाहिए । साथ में पहचान और अधिकार सुरक्षित करके संविधान में संशोधन करवाना भी है । राजपा नयी पार्टी है, सिर्फ एक साल पहले ही इस पार्टी की गठन हुई थी । काफी कम समय में जनता ने राजपा पर विश्वास किया है । अब हमारे सामने उस विश्वास को कायम रखने की चुनौती है ।

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शरतसिंह भण्डारी, सांसद्
नेता, अध्यक्ष मण्डल

अधिकार प्राप्ति के लिए मधेशी जनता ने विशेष योगदान दिया है, दर्जनों सपूतों ने अपना जीवन दान दिया है । लेकिन वर्तमान संविधान में कुछ ऐसी बातें भी हैं, जिस में राजपा की सहमति नहीं है, उस को संशोधन करवाना है । जनता की चाहत भी यही है । राजपा के नेतृत्व में ही आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक विकास हो सकता है, इस का विश्वास जनता को दिलाना हमारी चुनौती है । इसके लिए नेता–कार्यकर्ता को ईमानदार होकर काम करने की जरूरत है ।

साथ में संविधान संशोधन के लिए भी विशेष पहल करना है । क्योंकि संविधान में जो फण्डामेण्टल प्रिन्सिपल है, उसमें मधेश में रहनेवाली जनता सन्तुष्ट नहीं हैं । इसीलिए हमारी मान्यता के अनुसार उसमें संशोधन होना चाहिए । हां, वर्तमान संंविधान ने संघीयता, गणतन्त्र, धर्म निरपेक्षता, समावेशी लोकतन्त्र को तो संस्थागत किया है, लेकिन अधिकार और पहचान के मामले में कुछ कमजोरियां है, उस में सुधार कर संविधान को सर्वस्वीकार्य बनाना है, अधिकार और पहचान विहीन जनता को उनका अधिकार और पहचान दोनों दिलाना है ।

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