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स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक शिकागो भाषण के १२५ वाँ वार्षिकोत्सव के अवसर पर कार्यक्रम आयोजन

 
स्वामी विवेकानंद क ऐतिहासिक शिकागो भाषण के 125 वा वार्षिकोत्सव के अवसर पर रामकृष्ण आश्रम नेपाल द्वारा राजधानी में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी बोधसरानन्द महाराज ने किया । प्रमुख अतिथि भारतीय दूतावास के डिसीएम डॉ अजय कुमार थे । विशेष अतिथि डॉ जयराज आचार्य थे । अध्यात्मिक प्रमुख स्वामी नित्यज्ञानंद महाराज तथा रामकृष्ण आश्रम के सचिव श्री रविराज थापा की उपस्थिति मंच पर थी । कार्यक्रम में नेपाल भारत मैत्री समाज के अध्यक्ष प्रेम लश्करी भी उपस्थित थे |
प्रमुख अतिथि के रूप में भारतीय दूतावास के डि.सी.एम. डॉ अजय कुमार ने कहा कि मुझे लगता है कि भारत और नेपाल में शायद ही कोई व्यक्ति हो जो की स्वामी विवेकानन्द के व्यक्तित्व से प्रभावित नही हुआ हो | उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी ने युनिवर्सल  टोलरेंस, युनिवर्सल एक्सेप्टेंस की बात रखी थी जो कि भारत और नेपाल के सभी जिव में पाया जाता है | उन्होंने कहा कि आज का जो प्रोग्राम है यह भारत नेपाल के सम्बन्धो को मजबूती प्रदान करता है | एडुकेशन सेंटर के वारे में बोलते हए डॉ अजय कुमार ने कहा कि हमारे बिच शिक्षा का आदान प्रदान आज से नही बहुत पहले से ही होता आ रहा है | उन्होंने कहा की भारतीय दूतावास नेपाल के ३००० बच्चों को स्कॉलरशिप प्रदान करती है | डॉ अजय कुमार ने यह भी बताया कि ३००० बच्चे में से २२०० बच्चे केवल नेपाल में ही छात्रवृति पा रहें है |
अपने अध्यक्षीय भाषण में राकृष्ण मठऔर रक् कृष्ण मिशन, बेलुर मठ, भारत के सह सचिव स्वामी बोधसारानन्दजी ने स्वामी विवेकानंद के सम्पूर्ण जिवनी पर प्रकाश डाला |
स्वागत भाषण मंच के श्री रविराज जी ने किया । उन्होंने बताया की आश्रम का निर्माण शुद्ध आध्यात्मिक उद्देश्य से किया गया है । यह आश्रम शुद्ध रूप से मानवीय विकास के लिए प्रतिबद्ध है । इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद द्वारा अमेरिका में दिया गया पहला भाषण का नेपाली में सुनाया गया ।  आश्रम का आध्यात्मिक प्रमुख नित्यज्ञानंद महाराज ने अपने मन्तव्य में कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक दिन है । आजही के दिन स्वामी विवेकानंद जी ने ऐतिहासिक भाषण दिया था । उनके भाषण के बाद ही सम्पूर्ण विश्व मे धार्मिक जागरूकता आई थी ।
विशेष अतिथि के रूप में डॉ जयराज आचार्य ने नेपाल भारत सम्बन्ध पर आधारित अपना मन्तव्य दिया । उन्होंने कहा कि नेपाल के शिक्षा क्षेत्र में भारत का बहुत बड़ा योगदान रहा है । उन्होंने एडुकेशन सेंटr की बात करते हए कहा कि पोखरा और काठमांडू के बाहर भी स्कुल खोला जाना चाहिए | कार्यक्रम का सफल संचालन एकर्थानंद महाराज ने किया |

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