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मुख्यमंत्री लालबाबू राउत को करारा झटका, भारी अंतर से मिली शिकस्त

 

रेयाज आलम, लहान, बैशाख १६ सोमवार |  स.स.फोरम के प्रदेश नंबर २ के अधिवेशन में सबकी निगाहें पर्सा के तरफ़ लगी हुई थी, जहाँ जिला स्तर पर सहमति हो चुका था, लेकिन मुख्यमंत्री के दाया हाथ सलाउद्दीन के नाम पर सहमति नही होने के कारण निर्वाचन करना पड़ा। सलाउद्दीन अहमद मुख्यमंत्री के इतने चहेते है कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री स्वच्छता अभियान, यू.इन प्रतिनिधी, रेडक्रॉस, प्रदेश सचिव के साथ-साथ अन्य पदों पर मुख्यमंत्री के कारण इनका चयन हुआ। सलाउद्दीन को स्थापित करने के लिए प्रदेश तदर्थ समिति गठन करने के समय मुख्यमंत्री ने प्रदेश सचिव बनवाया। एक ही व्यक्ति को पांच-पांच राजनीतिक नियुक्ति करने के कारण मुख्यमंत्री की आलोचना भी हुई।

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सलाउद्दीन को मुख्यमंत्री ने लिफ्ट करके अपना उत्तराधिकारी बनाने का प्रयास किया, जिसके लिए मदरसा बोर्ड और मुस्लिम आयोग भी बनाने का प्रयास किया गया। इसी असमान प्रोत्साहन के कारण मुख्यमंत्री और सांसद प्रदीप यादव में दूरी बढ़ी। सांसद प्रदीप यादव ने इसका विरोध किया। मुख्यमंत्री ने इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में भोट माँगा। सलाउद्दीन से ईर्ष्या करने वालो में मुख्यमंत्री के करीबी भी रहे, वे भी चाहते थे कि सलाउद्दीन को हराकर अपना रास्ता साफ कर लिया जाए। इसी कारण मुख्यमंत्री पक्ष की बड़ी अंतर से हार हुई।

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मुख्यमंत्री नही चाहते थे कि आंदोलन के नायक शशिकपूर मिया किसी पद पर पहुंचे, शशिकपूर के प्रभाव से मुख्यमंत्री को खतरा लगता है, साथ ही अगर शशिकपूर स्थापित हो जाते है तो मुस्लिम के नाम पर जो मुख्यमंत्री को मिलता है उसका विकल्प खड़ा होने का भी आशंका है। इसलिए शशिकपूर को हराने के लिए मुख्यमंत्री ने अपना पूरा शक्ति लगा दिया,लेकिन आंदोलन के नायक शशिकपूर ने जीत हासिल किया।

निर्वाचन परिणाम अनुसार सलाउद्दीन अहमद, प्रदीप सुबेदी और शेख समीर को हार का सामना करना पड़ा। सलाउद्दीन अहमद, मुख्यमंत्री स्वच्छता अभियान के संयोजक है। शेख समीर मुख्यमंत्री के संसदीय प्रतिनिधि है। मधेश आंदोलन के नायक के रूप मे अपनी पहचान बना चुके शशिकपूर मियां को जीत मिली।

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प्राप्त मतगणना परिणाम अनुसार सिंघासन साह २८८, महाराज यादव २६०, बीरेंद्र यादव २४९,  दीपक यादव २२८, शशिकपूर मियां २२०, मदन चौहान २०५, प्रदीप सुबेदी १९०, सलाउद्दीन अहमद १३५, शेख समीर १११ मत प्राप्त किया, जिसमे प्रदीप सुबेदी, सलाउद्दीन अहमद और शेख समीर को न्यूनतम मत आने के कारण हार का सामना करना पड़ा।

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