रक्सौल बॉर्डर पर फायरिंग की बात गलत, भारतीय दूतावास ने भोजन-आवास का इंतजाम किया
रेयाज आलम ,बीरगंज,२०७६ साल चैत्र १७ गते सोमवार/ ३०.०३.२०२० | नेपाल-भारत के रक्सौल बॉर्डर के मितेरी पुल पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति हो गई थी, जब नेपाल में रहे ३०० भारतीय वापस जाने के लिए भारतीय बॉर्डर के पास पहुंच गए। कोरोना वाइरस रोकथाम के लिए भारत-नेपाल में लॉक डाउन के कारण बॉर्डर सील कर दिया गया है, जिससे किसी को आने-जाने में पूर्णता रोक लगी हुई है। नेपाल के काठमांडू, पोखरा, भरतपुर, हेटौडा और बीरगंज में मेहनत मजदूरी करने वाले भारतीय लॉक डाउन में फंस गए।
नेपाल के विभिन्न स्थान से बॉर्डर तक पहुंचने में उनके पैसे समाप्त हो चुके थे, भोजन का आभाव, रास्ते की थकावट और परिवार की चिंताओं के कारण वे व्याकुल हो चुके थे। उनकी समस्या पर संज्ञान लेते हुए
बीरगंज स्थित कॉन्सुलेट जनरल ऑफ़ इंडिया ने उनके रहने-खाने का सम्पूर्ण प्रबंध किया।
बीरगंज स्थित कॉन्सुलेट जनरल ऑफ़ इंडिया के प्रवक्ता सुरेश कुमार से बात करते हुए बताया कि बीरगंज के ठाकुरराम बहुउद्देश्यीय परिसर में भोजन और आवास का इंतजाम किया गया है। वे जितने रहेंगे उनके खाने और रहने का पूर्ण व्यवस्था किया गया है।
इसी बिच कुछ समाचार माध्यमों द्वारा बॉर्डर पर दो राउंड फायरिंग की खबर आई, इस सम्बन्ध में पता करने पर 47वी बाहिनी एस .एस .बी. के कमांडेंट प्रियव्रत शर्मा ने फायरिंग करने की घटना पूरी तरह गलत, कपोलकल्पित और भ्रामक बताया।






