मजहब के नाम कट्टरवादियों की मूर्खतापूर्ण सोच : एम.एल.गुप्ता आदित्य
मुम्बई । मजहब के नाम कट्टरवादियों की मूर्खतापूर्ण सोच पूरे भारत देश के लिए लगातार खतरा बनी हुई है। ये ज्यादातर लोग तालाबंदी की धज्जियां उड़ाते दिखाई देते हैं।
ऐसे अनेक वीडियो हैं जिनमें यह कह रहे हैं कि कोरोना वायरस कुरान से आया है अल्लाह ने भेजा है, हमारा कुछ नहीं होगा। कोई कहता है कोरोना कुछ है ही नहीं यह तो मोदी की मुद्दों से भटकाने की चाल है। कोई कहता है कोरोना वायरस को मैं गले लगाता हूं देखिए मुझे कुछ नहीं होगा। कोई कहता है कि सरकार लोगों को बेवकूफ बना रही है ताकि सी ए ए का विरोध न हो सके। इनके हर इलाके में नाफरमानी का आलम साफ दिख रहा था । किसी मजहबी मौलवी ने समझाने का फतवा जारी नहीं किया। इऩके किसी नेता, अभिनेता और किसी ने भी इन्हें नहीं समझाा। सब कोरोना के साथ खड़े रहे।
भारत में जब छोटे-छोटे कार्यक्रम रद्द किए जा रहे थे सब कुछ बंद किया जा रहा था लोगों को कहा जा रहा था कि वे कार्यक्रम न करें होली के कार्यक्रमों पर भी पाबंदी लगाई जा रही थी। ऐसे में इतने बड़े पैमाने पर देश-विदेश के लोगों को बुलाना उसमें भी ऐसे देश जहां पर कोरोना फैला हुआ है । लोगों को उस में आमंत्रित करके इतना बड़ा जलसा किया गया और इस प्रकार विदेश से कोरोना आयात करके करके देश के कोने कोने तक फैला दिया गया।
बदमाशी इतनी कि प्रशासन से इसकी कोई अनुमति लेने की जरूरत भी नहीं समझी।
सब के सब कोरोना के रिश्तेदार हैं।
(यह मुम्बई से श्री संजीव निगमजी के status पर एमएल गुप्ता जी द्वारा किया गया टिप्पणी है)


