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होम आइसोलेशन ! समस्या और समाधान : प्रियंका पेड़ीवाल अग्रवाल

 

*होम आइसोलेशन*

परिचय-होम आइसोलेशन का मतलब घर पर अपने आप को दूसरे लोगों से अलग कर लेना है। अगर आपको कोरोना वायरस से संक्रमित होने का संदेह है या फिर सर्दी-जुकाम लगा हुआ है तो आप एक कमरे में अपने आप को अलग कर लें। इससे आपके परिवार में किसी को वायरस नहीं फैलेगा।

(क) होम आइसोलेटेड व्यक्ति को क्या करना है ?

1. व्यक्ति एक अलग कमरे में रहे जो हवादार तथा स्वच्छ हो जहां संलग्न टॉयलेट एवं बाथरूम की व्यवस्था हो।
2. व्यक्ति 14 दिवस तक घर में उस निर्धारित कमरे में ही रहे।
3. व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के सम्बन्ध में जागरूक रहे एवं लक्षण उत्पन्न होने पर तत्काल फोन पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सूचित करें।
4. अधिक मात्रा में तरल पदार्थ लेते रहना चाहिये।
5. खांसते व छींकते समय रूमाल का उपयोग करें, नियमित रूप से हाथ धोएं और ऐसे प्रयोग किए कपड़ों एवं रूमाल इत्यादि को साबुन या डिटर्जेंट से धोना सुनिश्चित करें|

(ख) होम आइसोलेशन किनके लिए जरूरी है ?

ऐसे लोग, जो कोरोना संक्रमित देश, प्रदेश अथवा शहर से आए हैं, यह लोग भले ही स्वस्थ हों, लेकिन कोरोना वायरस के मरीज हो सकते है। इन्हें नजदीकी अस्पताल में जांच कराना चाहिए। इसका वायरस 14 दिन तक बढ़ सकता है, इसलिए इन लोगों को घर में आइसोलेट होने की जरूरत है। अगर संबंधित व्यक्ति के पास घर में आइसोलेशन के लिए स्थान नहीं है तो वह क्वारेंटाइन सेंटर में रह सकता है।

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(ग) होम आइसोलेट होने पर क्या करें ?

1. 14 दिन की अवधि उसी कमरे में बिताना है।
2. हाथों को बार-बार साबुन पानी से धोते रहें।
3. खुद में कोरोना के लक्षणों को देखें, कहीं कोई लक्षण डेवलप तो नहीं हो रहा। अगर गले में खराश हो, सर्दी-खांसी हो, बुखार जैसा लगे तो तत्काल अस्पताल में जांच कराने जाएं।
4. परिवार के लोग यदि मिलना चाहें तो दो मीटर की दूरी से मिलें।क्वारेंटाइन पेशेंट मास्क या रुमाल मुंह पर लगाएं।

(घ) होम आइसोलेटेड व्यक्ति के परिजनों को क्या करना है ?

1. जहां तक हो सके परिवार के कम से कम व्यक्ति संभव हो तो सिर्फ एक ही होम आइसोलेटेड व्यक्ति की देखभाल करे।
2. देखभाल करने वाला व्यक्ति हमेशा मास्क पहन कर ही होम आइसोलेटेड व्यक्ति के समीप जाए।
3. जहां तक हो सके परिवार के बाकी सदस्य अलग कमरे में रहे, यदि ऐसा नही संभव हो तो कम से कम एक मीटर की दूरी बना कर रखे।

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होम आइसोलेटेड व्यक्ति को क्या नहीं करना है ?

1. भीड़ वाले स्थान में ना जावें।
2. बार-बार अपना चेहरा या आंखें ना छुएं।
3. घर में अतिथि या अन्य बाहरी व्यक्ति को आमंत्रित ना करें।
4. घर के साझे स्थान जैसे किचन, हाल इत्यादि का उपयोग कम से कम करें।
5. परिवार के अन्य सदस्यों के निकट संपर्क में ना आयें|

(ड़) होम आईसोलेशन से होता क्या है ?

कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है अथवा वायरस की कॅरियर स्टेज में है। ऐसे व्यक्ति का होम आइसोलेशन करने पर वायरस की संक्रमण की कड़ी ब्रेक होती है।

च) परिवार व आस पड़ोस के लोग क्या करें ?

1. जिस व्यक्ति को क्वारेंटाइन में रखा गया है। उसकेप्रति दुर्भावना न रखें। वह हमारी बेहतरी के लिए है।
2. जिस व्यक्ति के घर के बाहर होम क्वारेंटाइन का बोर्ड लगा हो, उसका फोटो खींचकर, सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें। क्योंकि उस मकान में रह रहा व्यक्ति केवल निगरानी में है। वह बीमार नहीं है।
3. संबंधित व्यक्ति को मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित न करें। यह बहुत आपत्तिजनक है।

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(छ) इस दौरान क्या कतई न करें ?
1. क्वारेंटाइन में रह रहे व्यक्ति से सहानुभूति रखें । लेकिन, उत्साह में उससे गले न मिलें। हाथ न मिलाएं।
2. जो संदिग्ध मरीज किराए के मकान में रह रहे हैं और उन्हें क्वारेंटाइन में रहने कहा गया है तो संबंधित मरीज से मकान खाली करने को न कहें।

(ज) हॉस्पिटल में क्यों क्वारेंटाइन में रखा जाता है ?

जिन लोगों को घर में आइसोलेशन में रहने की सुविधा ना हो या एेसी आशंका हो कि वह होम आइसोलेशन के नियमों का पालन नहीं करेगा तो उन्हें रखा जाता हैं।

प्रियंका पेड़ीवाल  अग्रवाल

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