भारतीय क्वारेन्टाइन में इसतरह बीत जाती है नेपाली नागरिकों की दैनिकी
काठमांडू, ५ अप्रिल । कोरोना वायरस की त्रास के कारण आज पूरा विश्व ही लकडाउन की अवस्था में है । नेपाल और भारत दोनों देशों ने अपनी–अपनी देश के अन्दर लकडाउन किया है और हर व्यक्ति को अपने ही घर में रहने के लिए कहा है । जिसके चलते रोजागरी के लिए भारत के विभिन्न शहर में पहुँचे नेपाली नागरिक चाहते हुए भी स्वदेश वापस नहीं हो पा रहे हैं । विभिन्न सीमा नाका में फसे हुए हैं ।
महाकाली नदी के पार भारतीय क्षेत्र धार्चुला, पिढौरागढ और दिदिहाट जिलों को उदाहरण के रुप में ले सकते हैं, जहां हजार से अधिक नेपाली नागरिक फसें हुए हैं । नेपाल और भारत सरकार ने आपस में सहमति किया है कि लकडाउन के अवधि तक जो जहां हैं, वह वही रहेंगे और उन लोगों की व्यवस्थापन संबंधित देशों की ओर से ही होगी । सहमित अनुसार आज कुछ भारतीय नागरिक नेपाल में हैं तो कई नेपाली नागरिक भारतीय भूमि में ।
धार्चुला लगायत पश्चिमी सीमा क्षेत्र के ही बात करें तो वहां आज १२ सौ ७३ नेपाली नागरिक भारतीय क्वारेन्टाइन में हैं, जहां रहनेवाले नागरिकों को भारत सरकार की ओर से अच्छी खाना और बास स्थान की व्यवस्था है । साथ में स्वास्थ्य संबंधी काउन्सिलिङ और स्वास्थ्य परीक्षण भी हो रहा है । धार्चुला स्थित एक कैंप में रहनेवाले नेपाली नागरिक गोविन्द धामी कहते हैं कि भारतीय व्यवस्थापन से यहां स्थिति सभी लोग खुश हैं । कैंप में परिचालित एक अधिकारी कहते हैं कि क्वारेन्टाइन में रहे सभी नागरिकों की स्वास्थ्य परीक्षण और कोरोना से बचने के लिए स्वास्थ्य परामर्श कक्षा भी संचालन हो रहा है ।

