शक्ति एवं भक्ति : सारिका अग्रवाल
शक्ति एवं भक्ति
कैसा अद्भुत संगम है आज बाबा भक्ति और नारी शक्ति का
गंभीरता से जीने का समय आ गया,वक़्त नही है मस्ती का
आओ मिलकर निश्चय करें,कुछ दृढ़ संकल्प करें,
अपनी सभ्यता संस्कृति को अपनाए,बुरे व्यसन का त्याग करें।
संयमित जीवन एवं इच्छा शक्ति से सुंदर समाज की नींव रखें
सत्कर्म करे और धर्म की रक्षा हेतु सदैव मन में अभिलाषा रखें
दिया धरा ने हमको इतना,हम भी अपना कर्तव्य पालन करें
शक्ति-भक्ति के दीप जलाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान करें।

बिर्तामोड


