Thu. Jul 9th, 2020

तस्वीर का दूसरा पहलू : अलका गोयनका 

  • 91
    Shares

तस्वीर का दूसरा पहलू 

त्रस्त है सम्पूर्ण मानव जाति,
इस महामारी के कहर से,
पर तस्वीर का, एक दूसरा पहलू भी है
धूल भरा आसमां, सुकून की साँसे ले रहा है,
नदियों का पानी, स्वच्छ हो बह रहा है,
पशु-पक्षी निडर हो कर रहे है विचरण,
शुद्ध हवा से, प्रसन्न है, पेड़ पौधों का भी मन,
वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण से मुक्त हो,
खिल उठा है, मुरझाया हुआ पर्यावरण,
कोलाहल से मुक्त सा है, हमारा वातावरण,
कुछ तो कहना चाह रही है प्रकृति,
बना रही है, धरती की, एक नई आकृति,
निश्चय ही क्षय जो हो रहा है, बड़ा ही दुःखदायी है,
किन्तु कुदरत की बस, इंसान से ही ये लड़ाई है,
सृष्टि के बाकी, जीव, जल, जन्तु,
कोरोना का शुक्र मना रहे होंगे,
मानव की, आकाक्षओं के कारण,
उन सब ने बहुत दुःख है भोगे,
ये ईशारा है कि जब जब मानव जाति की,
प्रकृति के साथ अति होगी,
तब तब धरती पर इस तरह की क्षति होगी,
सबक तो है, अगर समझ सकेंगे हम,
मुक्त हो कर इस महामारी से, शायद
एक नई दुनिया की नींव रख सकेंगे हम । 
अलका गोयनका 
नेपालगंज

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading...
%d bloggers like this: