अब उनका पलायन निश्चित है जिन्होंने लूट मचाई है : मुकेश झा
अब उनका पलायन निश्चित है
जिन्होंने लूट मचाई है
दे दुःख दारुण धर्ती माँ को
आंखों से लहू बहाई है
सज्जन को पीड़ा दे जिसने
अट्ठहास गरज सुनाई है
करके सारे कुकर्म खुद
मानवता की दी दुहाई है
सत्ता संरक्षक बना रहा
दिख रहा चिता सजाई है
अब बच्चा बच्चा जान गया
कहाँ झूठ सच्चाई है
आहूत देने अब निकलेंगे
महायज्ञ जो आई है
होंगे स्वाहा इस अग्नि में
जो मानवता के दुश्मन है
अब खुद ही जल कर मरेंगे वो
जिसने यह आग लगाई है।

