अन्ततः प्रधानमन्त्री ओली असफल, जारी अध्यादेश वापसी के लिए हो गए राजी
काठमांडू, २३ अप्रील । दो दिन पहले जारी राजनीतिक दल और संवैधानिक परिषद् संबंधी अध्यादेश वापस करने के लिए प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली तैयार हो गए हैं । प्रधानमन्त्री निवास बालुवाटार में बिहीबार आयोजित एक विचार–विमर्श में प्रधानमन्त्री ओली ने कहा है कि जारी अध्यादेश वापस किया जाएगा । नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी के दूसरे अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड के साथ सम्पन्न भेटवार्ता के दौरान उन्होंने ऐसा कहा है ।
समाचार स्रोत के अनुसार भेटवार्ता में नेकपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रधानमन्त्री माधव कुमार नेपाल लगायत नेकपा संबंद्ध नेताओं की सहभागिता थी । उक्त क्रम में वरिष्ठ नेता नेपाल और प्रचण्ड लगायत नेताओं ने अध्यादेश वापस कर राजनीतिक संकट समाधान के लिए आग्र किया था । इसके साथ–साथ प्रधानमन्त्री ने कानूनविद् के साथ भी विचार–विमर्श किए हैं । उसके बाद ही प्रधानमन्त्री ने कहा है कि जारी अध्यादेश वापस किया जाएगा । संविधान की धारा ११४ (२ ख) में स्पष्ट उल्लेख है कि प्रधानमन्त्री की सिफारिश में राष्ट्रपति द्वारा जारी अध्यादेश किसी भी समय में वापस किया जा सकता है ।
स्मरणीय है, जारी अध्यादेश को मध्यजनर करते हुए समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता पार्टी (राजपा) के भीतर असंतुष्ट रहे समूह पार्टी विभाजन के लिए क्रियाशील थे । अध्यादेश के कारण ही समाजवादी और राजपा के बीच रातो–रात पार्टी एकीकरण घोषणा भी हो गई । अब प्रधानन्त्री ओली स्पष्ट रुप में अपने मिशन में असफल दिखाई दिए हैं । चारों ओर विरोध होने के कारण अन्ततः वह जारी अध्यादेश वापसी के लिए भी राजी हो गए हैं ।

