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लकडाउन का स्वरुप परिवर्तन करने की तैयारी, विज्ञों के साथ विचार–विमर्श

 

काठमांडू, ३० अप्रील । सरकार ने जारी लकडाउन का स्वरुप में परिवर्तन लाने की तैयारी की है । इसके लिए विज्ञ लोगों के साथ विचार–विमर्श शुरु की गई है । गत चैत्र ११ गते से जारी लकडाउन के कारण आम सर्वसाधारणों की दैनिकी कष्टकर है । इसी तथ्य को मध्यनजर करते हुए सरकार ने परिवर्तित स्वरुप में लकडाउन करने को ठान लिया है । इसके लिए सरकार ने जनस्वास्थ्य विज्ञों के साथ विचार–विमर्श शुरु की है ।
प्राप्त सूचना अनुसार कोरोना वायरस प्रभावित क्षेत्र को वर्गीकरण करते हुए आगामी दिनों की रणनीति तय की जा रही है । स्वास्थ्य मन्त्रालय की पहल में आयोजित कार्यक्रम में विज्ञों का कहना है कि सबसे पहले उच्च जोखिम (रेड जोन), जोखिम (एल्लो जोन) और कम जोखिम (ग्रिन जोन) वाला क्षेत्र वर्गीकरण कर उसी अनुसार रणनीति तय करनी चाहिए । कहा जाता है कि नेपाल–भारत बीच खुला सीमा होने के कारण भारत की ओर से होनेवाला संभावित संक्रमण नेपाल में उच्च है । इसीलिए भारतीय सीमा से सटे जिलों को उच्च जोखिम में रखने की तैयारी है
इसीतरह संक्रमण फैले हुए क्षेत्र को पहचान कर क्षेत्र निर्धारण का भी मापदण्ड बनाया गया है । प्रदेश नं. १ में आज तक सबसे अधिक कोरोना संक्रमित पाए गए हैं, इसीलिए प्रदेश नं. १ में स्थित कुछ जिलों को उच्च जोखिमपूर्ण क्षेत्र में रखने की तैयारी है । कहा जाता है कि पिछली बार वायरस मुक्त काठमांडू और गण्डकी प्रदेश को जोखिमपूर्ण क्षेत्र में रखने की तैयारी है और हिमाली जिलों को कम जोखिमपूर्ण क्षेत्र में ।
उच्च जोखिमपूर्ण क्षेत्र में लकडाउन को कडाई पूर्वक कार्यान्वयन किया जाएगा, और सामान्य जोखिमपूर्ण क्षेत्र में दैनिकी को सामान्य बनाने की तैयारी सरकार ने की है । लेकिन कम जोखिमपूर्ण क्षेत्र में भी स्कूल, कालेज तथा सिनेमा हल, सार्वजनिक यातायात जैसे सेवा संचालन नहीं किया जाएगा । कम जोखिमवाले क्षेत्र में जनजीवन को सामान्य कर दी जाएगी, लेकिन कोरोना संबंधी जोखिम को मध्यनजर करते हुए आवश्यक सुरक्षा संबंधी उपाय को कार्यान्वयन किया जाएगा ।
स्मरणीय है, जारी लकडाउन की समयावधि वैशाख २५ गते तक के लिए है । कहा जाता है कि विज्ञों से प्राप्त सुझाव के अनुसार उसके बाद सरकार लकडान की स्वरुप परिवर्तन करने की मनस्थिति में है ।

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