बीरगंज मनपा १४ के वड़ा अध्यक्ष का खुल गया पोल
रेयाज आलम,बीरगंज, २०७७ बैशाख १९ गते शुक्रवार । बीरगंज महानगरपालिका के वार्ड न. १४ पिपरा के संदर्भ में समाजिक संजाल और विभिन्न सन्चार में खूब चर्चा-परिचर्चा हो रहा है। इस वार्ड में राहत के लिए जो चावल वितरण किया गया उसमे ३बोरा चावल खराब पाया गया। बड़ा अध्यक्ष ने बिरगंज महानगरपालिका के ऊपर दोषारोपण किया।
वार्ड अध्यक्ष ने मिडिया में जो चावल का बोरा दिखाया, वह बोरा महानगर द्वारा भेजे चावल से भिन्न है। महानगरपालिका ने बोलबम खाध्य, अनुज खाध्य और विंध्याचल ब्रान्ड का चावल खरीद किया था लेकिन वड़ा अध्यक्ष भरत कुर्मी ने विंदवाशिनी ब्रान्ड का चावल दिखाया ।
बिरगंज महानगरपालिका ने चार सौ टन से ज्यादा चावल वार्डो में भेजा, जिसे महानगर के ३४ हजार से ज्यादा जरूरतमंद श्रमजीवी को राहत बितरण किया गया। वड़ा न.१४ में अनियमितता की शिकायत पहले भी आती रही है। जहाँ चार सौ टन से ज्यादा चावल आया है, उसमे ३ बोरा खराब निकलना कोई बड़ी बात नही है, खराब चावल निकलने पर उसे विक्रेता के पास वापस भेजने के बजाय बितरण करना और बाद में दूसरे के ऊपर दोषारोपण करना नियत पर संदेह पैदा करता है।
इस संदर्भ में संज्ञान लेते हुए मेयर सरावगी ने महानगर के उप सचिव अरुण महतो के अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकृत सुमन श्रेष्ठ और अलेप हरिशन्कर प्रसाद कुर्मी का समिति बनाया जो छानबीन करके तिन दिन के भीतर प्रतिबेदन पेश करेंगे।
सर्वविदित है कि बिरगंज महानगरपालिका के मेयर केंद्र और प्रदेश के असहयोग के वावजूद सभी वार्ड में राहत सामग्री भेजे। अपने जान का परवाह नही करके सभी कोरोना जांच शिविर का निरीक्षण किया। कोवीड अस्पताल के लिए अस्पताल किराया में लिया। कोवीड के इलाज में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मी के सुरक्षा के लिए रहने का व्यवस्था किया। ऐसे विकट समय मे एकजुट होकर हौसलाअफजाई करने के बजाए आरपो-प्रत्यारोप करना राजनीति से प्रेरित मालूम होता है।

