अमेरिका में अब लार से होगा कोरोना संक्रमण की जाँच
अमेरिका की नियामक संस्था फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने लार के जरिए कोरोना की घर पर जांच के लिए नई किट की अनुमति दे दी है। इस किट से जांच की दर 100 डालर (7549 रुपए) तय की गई है। इसे इस्तेमाल करने के लिए डाक्टर की अनुमति होना जरूरी है। इस तरह की जांच किट को पहली बार मंजूरी दी गई है। यह टेस्ट किट रुटगर्स विश्वविद्यालय की लैब आरयूसीडीआर इनफाइनाइट बायोलाजिक्स और स्पेक्ट्रम सल्यूसंस व एक्यूरेट डायगनोस्टिक्स की साझेदारी में विकसित की गई है।
100 डॉलर का आएगा खर्च
रुटगर्स को एफडीए ने पिछले माह परीक्षण स्थलों से कोरोना पीडि़तों की लार के नमूने जमा करने अनुमति मिली थी, लेकिन अब वह इसे घर पर उपयोग करने के लिए संग्रह किट के रूप में बेच सकते हैं। रुटगर्स ने कहा कि इस किट से जांच के लिए मरीज से 100 डॉलर लिए जाएंगे। इस जांच के लिए किसी डाक्टर की अनुमति लेनी होगी। आरयूसीडीआर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डाक्टर एंड्रू ब्रुक्स ने बताया कि इसका इस्तेमाल बहुत आसान है।
प्रतिदिन बीस हजार नमूनों की जांच
मरीज अपने घर में इसकी कैप खोलकर ट्यूब में थूककर कैप को बंद कर देगा। इसके बाद इसे हमारे पास लैब में भेजना होगा। उन्होंने बताया कि इसका इस्तेमाल उन्हीं लोगों को करना चाहिए जिसमें कोरोना के लक्षण हों। रुटगर्स ने कहा कि हम 48 घंटे के बदलाव में प्रतिदिन बीस हजार नमूनों की जांच कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि और लैब को भी इस किट से जांच करने के लिए आगे आना चाहिए।
एफडीए ने दी मंजूरी
दरअसल, एफडीए द्वारा लार परीक्षण को अनुमति, तत्काल जांच के उपाय तलाश करने के प्रयास का हिस्सा है। इस एजेंसी ने पिछले माह लैबकार्प द्वारा विकसित एक जांच किट को मंजूरी दी थी। घर में इस्तेमाल की जा सकने वाली इस किट में मरीज को खुद अपनी नाक से स्वाब बनाकर जांच के लिए लैब भेजना था।
किट जांच को बनाएगी व्यापक
अब ऐसे समय में जब अमेरिका के कई राज्य में जांच किट की कमी का सामना कर रहे हैं तब इस तरह की इन होम स्पिट कलेक्शन किट वायरस की जांच को व्यापक बना सकती है। कोरोना के लक्षण वाले मरीजों को जांच के लिए जांच केंद्र बुलाने के बजाए उन्हें घर पर रोककर ही जांच की जा सकती है।
रोका जा सकेगा संक्रमण
इससे मरीज के संपर्क में आकर और लोगों के संक्रमण की चपेट में आने से बचाया जा सकता है। एफडीए आयुक्त डॉ.स्टीफन हैन ने शुक्रवार को एक साक्षात्कार में कहा, कि यह लोगों पर निर्भर है कि वे किस तरह से जांच कराना पसंद करते हैं। हालांकि कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मत है कि घर में किट से कुछ नुक्सान बी हो सकते हैं। उनमें से एक यह है कि लोगों को परीक्षण के परिणाम मिलने में अधिक समय लग सकता है।

