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नेपाल के ईंट भट्टा में कार्यरत 20 हजार भारतीय मजदूरों को अब भी घर लौटने का इंतजार

 

राजेश शर्मा

नेपाल के ईट भट्टा में कार्यरत 20 हजार भारतीय मजदूरों को वापस लाने की अब तक पहल नहीं हुई है ।  भारत नेपाल सामाजिक संस्कृति मंच इसके लिए पहल करेगी ।

 

नेपाल के प्रदेश संख्या एक अंतर्गत मोरंग एवं सुनसरी जिले के विभिन्न ईट भट्टा में कार्यरत करीब 20 हजार भारतीय मजदूर लॉक डाउन के कारण घर वापस नही हो सके है। मिली जानकारी के अनुसार मोरंग एवं सुनसरी के ईट उद्योग में तकरीबन 20 हजार मजदूर के कार्यरत है जो वापस भारत जाने के इंतजार में है।

हालांकि इन्हें वापस भेजेने के लिये प्रदेश सरकार, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास को जानकारी कराने की बात महीनों पहले ईट उद्योगी तथा उद्योग संगठन मोरंग के अध्यक्ष भीम घिमिरे ने कही थी लेकिन मजदूरों की स्थिति जस की तस है। बताते चले कि मोरंग एवं सुनसरी के ईटभट्टा में काम करने के लिये प्रत्येक वर्ष मजदूर पश्चिम बंगाल से आते रहे हैं। ईट बनाने व पकाने के कार्य में बंगाल के मजदूर काफी कुशल होते हैं इस वजह से ईट भट्टा संचालक द्वारा प्रत्येक वर्ष बंगाल से ही मजदूरों को बुलाया जाता रहा है। पश्चिम बंगाल पूर्वी नेपाल के काँकडभिट्टा से मात्र 30 किलोमीटर दूर है। इस बार मजदूर आ तो गए लेकिन लॉकडॉउन होने के कारण ईटा भट्टा में उत्पादन बंद होने के बाद भी समुचित पहल नही होने के कारण वापस नही जा सके है। वहीं मोरंग जिले के कटहरी स्थित आरती ईटा व टाइल्स उद्योग प्रा.लि में कार्यरत मजदूरों की समस्या काफी गंभीर है।

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पश्चिम बंगाल से ईटा भट्टा में काम करने आये 22 बर्षीय समयुल मिया पिछले सात वर्षों से आरती ईटा व टाइल उद्योग में हर वर्ष काम करने आते रहे है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के साथ ही उनका लक भी डाउन हो गया है। बड़ी मुश्किल से गुजारा चल रहा है। कहीं से कोई भी आर्थिक सहायता नहीं मिली है जिससे दैनिक जीवन यापन में भी काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कई मजदूरों ने बताया कि कमाए हुए सारे पैसा घर खर्च में खत्म हो गये अब दैनिकी गुजारा करना काफी मुश्किल है।

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पश्चिम बङ्गाल निवासी मिया अपने श्रीमती, पिता, भाई व एक बेटी के साथ उद्योग में ही किसी तरह गुजारा कर रहे है। ऐसे सैकड़ो मजदूरों की स्थिति ऐसी ही है। पैसा खत्म होने काम बंद होने के कारण मिया किसी भी तरह वापस भारत जाना चाहते है। ऐसी ही समस्या इस उद्योग में काम कर रहे 243 मजदूरों की है। बता दे कि मोरंग सुनसरी जिले के ईटा उद्योग में 20 हजार के करीब भारतीय मजदूर फंसे हुए हैं। इस संबंध में भारत नेपाल सामाजिक संस्कृति मंच के अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि मामला संज्ञान में है। मामले को लेकर अपने भातृ संस्था नेपाल भारत समाजिक संस्कृति मंच के महासचिव अधिवक्ता पार्वती राजवंशी से आग्रह किया है कि ईट उद्योग संचालक से समन्वय करें और ईट भट्ठा मजदूरों को वापस भेजने में क्या परेशानी है इस संबंध में आवश्यक पहल करे।

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