जहाँ चाह है, वहाँ राह है : चाँदनी अग्रवाल
जहाँ चाह है, वहाँ राह है
सफलता की राहे नही होती आसान,
मजबूत इरादोसे लेनी हाेगी उडान,
कर गुजरने का हो जज्वा,बन् जाती है राहे,
मिलती है मंजिल अगर दिल ये चाहे।।
आसमान मे चमकते सुरजको देखो,
साँझ मे सुरज की गति और सुबहका तेज देखो,
मायुस ना होना अगर करना पडे इन्तजार
बना लक्ष्यको निसाना, बुलन्द कर विश्वास।।
धूप और बारीश सहते वृक्षको देखो,
परिश्रमका जुनुन तुम पंछियों से सीखाे,
बढाए जा कदम ,ना हो तु अधीर,
गर हो उचे मन्सुबे, बदलती है हाथो की लकीर।।
हौसलो के आगे तु पर्दा ना डाल,
चलता रह तु, बना संघर्षोकाे ढाल,
रास्तोमे आए तुफान, या फिर हो काँटे,
जहाँ होती है चाह, वहीं बनती है राहें


