झांसीकी रानी के जन्मस्थान के बारे में वाराणसीवासियों से अनुरोध : लक्ष्मण नेवटिया
एक दुखद अनुभूती-
“”मणिकर्णिका” झांसीकी रानी लक्ष्मीबाई के जन्मस्थान
की वर्तमान अवस्थाकी जानकारी हेतु वाराणसीवासियोंसे अनुरोध
आज की ” हिमालिनी” में डा.नीलम महेंद्रजी का आज की महिलाओं का आदर्श हैं
रानी लक्ष्मीबाई पढकर बहुत सी नई जानकारियाँ हुई।
उक्त लेख पढने के उपरान्त एक कटु अनुभूति मनमें थी वह आवश्यक कार्यार्थ लिख रहा हूँ।
महारानी लक्ष्मीबाई के जन्मस्थान के उजडे कमरेको मैं कुछ वर्षों पहले बनारसमें गंगा नदी किनारेके एक घरमें पता लगाकर उत्सुकता व श्रद्धासे दर्शनार्थ गया था।
वहाँ जन्मस्थल होनेकी सूचनार्थ एक पत्थर के अलावा सब दुर्गन्धित अस्तव्यस्त , माथे पर एक छत तक ढंगकी नहीं थी।
ग्वालीघर जैसी दिख रही थी, वह पवित्र भूमि ।
वहाँ जाकर मार्मिक पीडाबोध हुआ था।
मणिकर्णिका फिल्म देखनेके बाद उन महान नारीशक्ति के जन्मस्थान की दूर्दशा का स्मरण हो मन विचलित हुआ।
यह पोस्ट वाराणसी के प्रशासन व नागरिक साथ ही सम्बन्धितजनों तक पहुँचाने का व साथ ही वर्तमान अवस्था क्या है अवगत कराने का वाराणसीवासियों से अनुरोध है। कृपया अवगत करावें व सुधारका प्रयास भी।
आदर्श नारी की प्रतिमान वीरांगणा के प्रति यह हमारी सच्ची श्रद्धाञ्जली होगी। हिमालिनी यह पीडा योगीजी तक पहुँचाए अनुरोध है।
अनुरोधकर्ता– लक्ष्मण नेवटिया
nevatialk@gmail.com

