Wed. Apr 29th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें himalini-sahitya

लाल हथेलियां लाल लाल चुड़ियां लाल जोड़े में सजी बाबूल की गुडिया : निशा अग्रवाल

 

वीर वधू

लाल हथेलियां लाल लाल चुड़ियां
लाल जोड़े में सजी बाबूल की गुडिया
लाल बिदिंया सजाए लाल चुनड़ से ढकी
रुनझुन बजती पायल की स्वर लहरी में चहकी
हौले से रखा है कदम
पी के आंगन में
प्रेम दीपक जलाए आयी हूं मै।।

नजरों में कुछ अठखेलियां
छेड़ते गुदगुदाती शब्दों की मस्तियां
स्नेह आशीष की होती बलैया
हवाओं में मिलन की सरगोशियां
प्रेम की लाली में नखशिख रंगी मैं
पी के सेज पर
प्रेम दीपक जलाए बैठी हूं मै।।।

यह भी पढें   सुकुम्वासी बस्ती के ८१० घरों को किया गया ध्वस्त

अचानक रूख बदला हवाओं ने
मौन साधा मिलन की भावनाओं ने
पुकार उठी धरती मां अपने सपूतों को
कर्तव्य ने भूला दिया कगंन की सदाओं को
न देखा क्षण भर को पलट के, वो चल दिए
मेरे खुशबू भरे हाथ विदा देने को उठ लिए
चूम पी के कदमों को
मान-दीपक जलाए जलती हूं मैं।।

मेरा अनछुआ घुंघट तेरा रास्ता तकता है
हर आहट पे दिल जोर से धड़कता है
तेरा नाम न मिट जाए हथेलियां धोती नही
बह न जाए काजल इसलिए रोती नही
गजरों के सूखे फूल भी रखे हैं सम्भाल के
तेरे छूने से महक उठे शायद पत्ते गुलाब के
समेट लेती हूं खुद को बांहों में
पी की यादों में
तन दीपक सा जलाए बैठी हूं मैं।।

यह भी पढें   सुकुम्बासी समस्या राष्ट्रीय साझा समस्या है – नेपाली कांग्रेस

आने से पहले तेरे आने की खबर आयी
बामुश्किल सम्भाला खुद को
विरह की सारी निशानियाँ मिटाईं
लगा कुमकुम पहन चुड़ा मेंहदी से हथेलियाँ सजवाईं
वो अनछुआ जोड़ा पहन, ओढ घूंघट मैं चौखट पे आई
आ गया तू, देखा मैने वो स्वाभिमानी चेहरा
नजरें न हट पाईं
मै शर्माईं , थोड़ा मुस्कुराई, तू तिरंगे में लिपटा
केसरिया बालम हरजाई
अब पी के सीने पे
जीवन दीपक बुझाए लेटी हूं मै।।।
जीवन दीपक बुझाए लेटी हूं मै।।

यह भी पढें   सुकुम्मवासी के १४४ परिवार सरकार के संपर्क में
निशा अग्रवाल

निशा अग्रवाल
धरान

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *