प्रदेश नं. ५ की राजधानी ‘नेपालगंज’ नहीं रही तो कर्णाली प्रदेश में समाहित होने का निर्णय
नेपालंगज, २५ जून । प्रदेश नं. ५ बाँके जिला स्थित नेपालगंज उप–महानगरपालिका ने निर्णय किया है कि अगर प्रदेश राजधानी नेपालगंज को नहीं बनाया गया तो नेपालगंज उप–महानगरपालिका कर्णाली प्रदेश में सहमाहित होने के लिए तैयार है । आगामी आर्थिक वर्ष की नीति तथा कार्यक्रम को सार्वजनिक करते हुए महानगरपालिका ने ऐसा निर्णय किया है ।
संस्कृति तथा पर्यटन के साथ संबंधित नीति में कहा गया है– ‘नेपालगंज को प्रदेश नं. ५ की राजधानी बनाने के लिए प्रयास किया जाएगा, नहीं तो कर्णाली प्रदेश में समाहित होने के लिए आवश्यक पहल किया जाएगा ।’
मेयर धवल शमशेर राणा ने भी कहा है कि बांके और बर्दिया जिलों के लिए कर्णाली प्रदेश ही बेहत्तर है । उनका कहना है कि नेपालगंज ऐतिहासिक शहर है, इसको राजधानी नहीं बनाई जाएगी तो कर्णाली प्रदेश में समाहित होना ही बेहत्तर है । मेयर राणा ने यह भी कहा है कि अगर कर्णाली प्रदेश में नेपालगंज को समाहित किया जाता है तो यहां राजधानी भी आवश्यक नहीं है ।
स्मरणीय है, प्रदेश नं. ५ की स्थायी राजधानी संबंधी विषयों को लेकर विवाद हो रहा है । विशेषतः बुटवल और दाङ कहां राजधानी बनाया जाए, इस विषय को लेकर राजनीतिक लॉबिङ जारी है, इधर पहले से ही नेपालगंज ने भी इस क्षेत्र को राजधानी बनाने के लिए मांग करता आया है ।

