मुख्यसचिव पौडेल और स्वास्थ्य सचिव डा प्रवीण मिश्र ने किया अंग दान ।
काठमाडू, फागुन १६ – मुख्य सचिव लीलामणि पौडेल और स्वास्थ्य तथा जनसङ्ख्या मन्त्रालय के सचिव डा प्रवीण मिश्र दोनो ने अङ्ग दान करने वाले इच्छापत्र मे हस्ताक्षर किया है । प्रथम स्वास्थ्य सेवा दिवस के अवसर पर मानव अङ्ग प्रत्यारोपण केन्द्र भक्तपुर व्दारा एक प्रदर्शनी की आयोजना की गयी थी । स्वास्थ्य तथा जनङ्ख्या मन्त्रालय के प्रांगन मे मङ्गलबार आयोजित उस प्रदर्शनी कक्ष मे दोनो ने हस्ताक्षर किया है ।
इस अवसर पर रासस के समाचारदाता विष्णु नेपाल, पत्रकार बलराम प्यासी सहित स्वास्थ्य सेवा मे कार्यरत ६० लोगों ने ऐसी इच्छापत्र पर हस्ताक्षर किया था।
नेपाल मे पिछले साल से अङ्ग दान करने की व्यबस्था व्यवस्था लागु की गयी है । किडनी प्रत्यारोण काम नेपाल मे सफल होने के बाद स्वास्थ्य तथा जनसङ्ख्या मन्त्रालय ने अङ्गदान सम्बन्धी ऐन भी पिछले साल से कार्यान्वयन मे लायी है। किडनी प्रत्यारोण सम्बन्धी ऐन कार्यान्वयन मे आने के बाद अभी तक अङ्गदान करने वालों की सङ्ख्या करिव ३५० से भी अधीक हो चुकी है।
स्वास्थ्य तथा जनसङ्ख्यामन्त्री राजेन्द्र महतो ने पिछले साल ही अङ्ग दान करने वाले इच्छापत्र मे हस्ताक्षर थे ।
नेपाल मे पहली वार वीर अस्पताल मे सफल किडनी प्रत्यारोपण किया था। उसके बाद मन्त्रालय ने इसका अलग से ही उपचार करने के लिये भक्तपुर मे मानव अङ्ग प्र्रत्यारोपण केन्द्र स्थापना किया है तथा वह केन्द्र अभी संचालन मे है। उक्त केन्द्र ने हाल ही मे दो व्यक्ति मे सफल अङ्गदान करके उपचार किया था।
वीर अस्पताल के किडनी प्रत्यारोपण विभाग के प्रमुख तथा मानव अङ्ग प्र्रत्यारोपण केन्द्र के प्रमुख डा पुकारचन्द्र श्रेष्ठ ने कहा है की ‘अङ्गदान एक पुण्यकाम है, अङ्गदान से आपातकालिन समय मे दुसरे का जान करने से बचायी जा सकती है ।
बेलायत से किडनी प्रत्यारोपण सम्बन्धी मे एम डि मे प्रथम और नेपाल मे पहली वार किडनी प्रत्यारोपण काम के टिम लिडर के रुप मे डा श्रेष्ठ को जाने जाते हैं ।

