सगरमाथा नेपाल का है, चिनियां हस्तक्षेप रोका जाएः नेपाल रिपब्लिक पार्टी
काठमांडू, ६ जुलाई । सर्वोच्च शिखर सगरमाथा तथा अन्य क्षेत्रों नेपाल की भूमि पर हो रहे चिनियां हस्तक्षेप के विरुद्ध नेपाल रिपब्लिक पार्टी ने आक्रोश व्यक्त किया है । पार्टी अध्यक्ष सिद्धार्थ गौतम ने एक प्रेस विज्ञप्ति प्रकाशित करते हुए कहा है कि चीन ने नेपाल की उत्तरी सीमा अतिक्रमण कर डेढ़ हजार रोपनी नेपाली भूमि और पूरा दो गांव को अपने भूमि में बनाया है ।
विज्ञप्ति में आगे कहा गया है– ‘सर्वोच्च शिखर सगरमाथा को भी कब्जा करने के लिए निर्लज्ज प्रयास करनेवाले सर्वसत्तावादी चीन ने नेपाल की ७ जिलों की १८ स्थानों में सीमा अतिक्रमण किया है । इस घटना से प्रजातन्त्र प्रेमी एवं देशभक्त सम्पूर्ण नेपाली जनता आक्रोशित हैं । नेपाल रिपव्लिक पार्टी एवं समस्त नेपाली जनता की ओर से चीन सरकार और उसके नेतृत्व को तत्काल इसतरह का हर्कत बन्द करने के लिए आग्रह करती है और नेपाली जनता समक्ष क्षमा मागने के लिए चेतावनी देती है ।’
रिपब्लिक पार्टी ने यह भी कहा है कि नेपाल की कम्युनिष्ट सरकार सिर्फ चिनियां प्रभाव को बढ़ाने के लिए ही काम नहीं कर रही है, नेपाल को चिनियां नव–उपनिवेश बनाने के लिए भी काम कर रही है, जिससे नेपाली जनता एवं प्रजातन्त्रप्रेमी विश्व समुदाय दुखित है । विज्ञप्ति में कहा है कि सगरमाथा को नियन्त्रण में लेने की प्रयास स्वरुप उत्तरी सीमा स्थित उर्बर जमीन, खर्क, चरन और सुन्दर गाँउ अतिक्रमण की गई है । इसीतरह नेपाल में अवैध चिनियां मुद्र की प्रचलन में लाने से लेकर राजधानी काठमांडू का केन्द्रबिन्दू ठमेल भी चिनी कब्जा में होने की दावा विज्ञप्ति में है । आरोप है कि भाषा, तालिम, पार्टी प्रशिक्षण जैसे नाम में चीन ने नेपाल भर जासूसी संजाल खडा किया है । आगे कहा है– ‘अन्ततः नेपाल को अपनी स्वशासित क्षेत्र तिब्बत की तरह बनाने के षडयन्त्र में सर्वसत्तावादी–विस्तारवादी कम्युनिस्ट चीन खुल कर आया है ।’
चीन की इसतरह की दुस्साहस के विरुद्ध नेपाली जनता को इकठ्ठा होने होने के लिए भी रिपब्लिक पार्टी ने आग्रह किया है । उसका कहना है कि लिम्पियाधुरा विवाद को कुटनीतिक माध्यम से समस्या समाधान करने के बजाए नेपाल सरकार नेपाल–भारत संबंध को बिगाड़ने में लगा है ।

