अयोध्या संबंधी प्रधानमन्त्री ओली की विवादित अभिव्यक्ति कुर्सी बचाने के लिए हैः सांसद् थापा

काठमांडू, १५ जुलाई । नेपाली कांग्रेस के सांसद् गगन थापा ने कहा है कि अपनी कुर्सी बचाने के लिए प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने अयोध्या संबंधी विवादास्पद अभिव्यक्ति सार्वजनिक किया है । उनका मानना है कि प्रधानमन्त्री चारों ओर असफल हो रहे हैं, पार्टी के अन्दर से ही पद से इस्तिफा देने के लिए दबाव है, लेकिन खूद को राष्ट्रवाद दिखाने के लिए उन्होंने अयोध्या प्रकरण सामने लाए हैं ।
सांसद् थापा ने नेकपा संबंद्ध नेता–कार्यकर्ताओं से आग्रह भी किया है कि अब ओली को प्रधानमन्त्री पद से हटाया ही जाए । थापा को मानना है कि नेकपा में विकसित आन्तरिक विवादों से बचने के लिए भी उन्होंने विवादास्पद अभिव्यक्ति दिया है । स्मरणीय है, गत सोमबार प्रधानमन्त्री ओली ने एक कार्यक्रम के बीच कहा था कि भगवान राम–जन्मभूमि अयोध्या नेपाल में है, भारत में जो है, वह नकली है । प्रधानमन्त्री ओली द्वारा व्यक्त इसी अभिव्यक्ति को संकेत करते हुए प्रतिपक्षी दल के सांसद् थापा ने कहा है कि प्रधानमन्त्री ओली कुर्सी बचाने के लिए योजनाबद्ध होकर अस्त्र प्रयोग कर रहे हैं, सार्वजनिक अभिव्यक्ति भी उसी योजना अन्तर्गत है ।
सांसद् थापा ने अपने फेशबुक पेज में कहा है– ‘प्रधानमन्त्री द्वारा सार्वजनिक अभिव्यक्ति को देखकर बहुत सारे लोगों की प्रतिक्रिया है कि यह तो प्रधानमन्त्री की पुराने ही शैली है, लोग इस अभिव्यरिुक्त को उनकी क्षणिक आवेग मान रहे हैं । लेकिन मुझे लगता है कि इसके संबंध में प्रधानमन्त्री जी को पूरा ज्ञान है । इसतरह की प्रतिक्रिया देने के बाद भारत से विविध प्रतिक्रिया आनेवाला है । इसके आधार में देश के भीतर विकसित परिस्थितियों की पृष्ठभूमि में वह खूद को ‘राष्ट्रवादी’ साबित करना चाहते हैं । पार्टी के भीतर विकसित विद्रोह को नियन्त्रण में रखने के लिए भी उन्होंने इसतरह की संवेदनशील विषयों में विवादास्पद अभिव्यक्ति दिया है ।’
सांसद् थापा को यह भी मानना है कि प्रधानमन्त्री ओली सत्ता स्वार्थ के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हैं । उन्होंने आगे कहा है– ‘इसतरह की योजनाबद्ध राजनीतिक प्रपंच को असफल बनाने के लिए और देश के भीतर और बाहर उत्तेजित वातावरण निर्माण के लिए अन्टसन्ट अभिव्यक्ति देनेवाले व्यक्ति से मुक्ति पाने के लिए भी ओली को प्रधानमन्त्री से हटाना पड़ेगा ।’

