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प्रचण्ड–निवास में पूर्व माओवादी नेताओं की बैठक, पूर्व एमाले में आशंका

 
पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचण्ड’/फाईल तस्वीर

काठमांडू, २१ जुलाई । प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली को पार्टी अध्यक्ष एवं प्रधानमन्त्री पद से हटाने के लिए अपनी सम्पूर्ण शक्ति प्रयोग कर क्रियाशील नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी के दूसरे अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल अन्ततः प्रधानमन्त्री ओली के सामने कमजोर पड़ने लगे हैं । जिसके चलते उन्होंने पूर्व माओवादी नेताओं से भेटवार्ता शुरु की है ।
ओली को हटाकर खूद प्रधानमन्त्री बनने के लिए उन्होंने पूर्व एमाले पक्षधर वरिष्ठ नेता तथा पूर्व प्रधानमन्त्री माधव कुमार नेपाल, झलनाथ खनाल, पार्टी उपाध्यक्ष वामदेव गौतम जैसे कई नेताओं को समर्थन प्राप्त किया था । सचिवालय सदस्य और स्थायी कमिटी में स्पष्ट बहुमत होते हुए भी प्रधानमन्त्री को पद से हटाने के लिए वे असफल हो गए हैं । पिछली बार प्रधानमन्त्री ओली ने आगामी मार्गशीर्ष महीना में एकता महाधिवेशन प्रस्ताव करने के कारण सब लोग एक कदम पीछे हट गए हैं ।
ऐसी ही पृष्ठभूमि में अध्यक्ष प्रचण्ड ने अपने निवास में पूर्व माओवादी संबंद्ध स्थायी कमिटी सदस्यों के साथ विचार–विमर्श किया है । बैठक में आइतबार प्रधानमन्त्री ओली के साथ संपन्न भेटवार्ता और घटना क्रम के संबंध भें चर्चा हुई है । बैठक में बोलते हुए अध्यक्ष प्रचण्ड ने कहा है कि वर्तमान परिस्थिति में पूर्व माओवादी के साथ बैठक करना ठीक तो नहीं है, लेकिन परिस्थिति जटिल होने के कारण ऐसा करना पड़ रहा है । कैसी जटिल परिस्थिति ? इसके संबंध में उन्होंने व्याख्या नहीं किया, लेकिन चर्चा होने लगा है कि जटिल परिस्थति में पूर्व एमाले पक्षधर नेताओं का साथ उनको मिलने वाला नहीं है । कुछ लोगों का कहना है कि यही महसूस करते हुए उन्होंने पूर्व माओवादी संबंद्ध नेताओं के साथ भेटवार्ता की है ।
अध्यक्ष प्रचण्ड ने कहा है कि परिस्थिति जटिल है, इसीलिए इसीतरह पूर्व एमाले के साथ भी वह बार्ता करने की तैयारी में है । प्रचण्ड निवास में पूर्व माओवादी संबंद्ध नेताओं की भेला होते ही पूर्व एमाले में चर्चा होने लगी है कि कई प्रचण्ड पूर्व माओवादियों की गुट चलाने के लिए क्रियाशील तो नहीं हो रहे है ? लेकिन प्रचण्ड ने कहा है कि उनके यह तैयारी नहीं है, अर्थात् वह पूर्व माओवादी की कुट चलाना नहीं चाहते है ।
प्रचण्ड ने कहा है कि शनिबार सम्पन्न सचिवालय बैठक में ओली ने एकता महाधिवेशन मार्गशीर्ष महीना में करने के लिए प्रस्ताव किया है । उनके अनुसार उस महाधिवेशन में प्रचण्ड को अध्यक्ष बनाने के लिए भी ओली तैयार हैं, लेकिन उनको मदन भण्डारी द्वारा प्रतिपादित जनता की बहुदलीय जनवाद (जबज) को स्वीकार करना होगा । उनका कहना है कि इसी प्रस्ताव में सहमति करने के लिए सचिवालय बैठक के तुरन्त वाद राष्ट्रपति कार्यालय शितल निवास में बुलाया गया था । उन्होंने दावा किया है कि ओली द्वारा प्रस्तावित प्रस्ताव उन्होंने अस्वीकार किया है ।
स्मरणीय है, उक्त बैठक में माओवादी नेता रामबहादुर थापा और लेखराज भट्ट सहभागी नहीं थे ।

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