वर्तमान सरकार को ही राष्ट्रीय सहमति देना उचित : देवेन्द्र पौडेल
काठमांडू, २८ फागुन । प्रधानमन्त्री के राजनीतिक सलाहकार देवेन्द्र पौडेल ने कहा है कि वर्तमान सरकार को ही राष्ट्रीय सहमति देकर निर्वाचन के लिए आगे बढना सर्वोत्तम विकल्प है । क्रान्तिकारी पत्रकार संघ बागलुङ द्वारा सोमबार को आयोजित पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधन करते हुए उन्होंने कहा– ‘प्रधान्यायाधीश का नेतृत्व दूसरा विकल्प हो सकता है ।’ उनका यह भी कहना था कि अगर प्रधानन्यायाधीश के नेतृत्व में अन्तरिम चुनावी परिषद् गठन नही हुई तो वर्तमान सरकार इस्तिफा नहीं देगी । पौडेल ने कहा कि अन्तरिम चुनावी परिषद् के गठन होने पर केवल नेतृत्वहस्तान्तरण होगा ।
वर्तमान सरकार ही कानुनी और राजनीतिक रुप में वैधानिक होने का दावा करते हुए नेता पौडेल ने कहा कि अर्थ, गृह, रक्षा और सामान्य प्रशासन मन्त्रालय को सहमति में बाँटकर वर्तमान सरकार को ही राष्ट्रिय स्वरुप देना चाहिए । उन्होंने कहा– ‘विपक्षी दलों को पहला विकल्प में आना चाहिए । अगर इसमें सहमति नहीं हुई तो एमाओवादी ने न्यायलय को सम्मान करते हुए प्रधानन्यायाधीश के नेतृत्व को भी आगे बढाया है । नेता पौडेल का कहना था कि प्रतिपक्षी सभी दल नया निर्वाचन से त्रसित है, इसीलिए वे लोग कोई भी बाहने सत्ता अपने हाथ में लेना चाहते है ।
प्रधानन्यायाधीश खीलराज रेग्मी के नेतृत्व में नया सरकार गठन के लिए राजनीतिक दलों के बीच हो रहे प्रयास सहमति के करिब पहुँचने की समाचार सार्वजनिक हो रहे है, ऐसी अवस्था में प्रधानमन्त्री के राजनीतिक सलाहाकार पौडेल के द्वारा सार्वजनिक ऐसी अभिव्यक्ति को देखें तो प्रश्न उठता है कि सहमति के नाम में जितने भी समाचार बाहर आए है, उस में कितना सत्यता है ?

