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रेग्मी सरकार आर्थिक मुद्दों को सम्बोधन नहीं कर पायेगी : उद्योगी

 

vaskarraj-rajkarnikarकाठमाणडू,२ चैत्र , कविता दास । प्रधानन्यायाधीश खिलराज रेग्मी के  नेतृत्व में बना अन्तरिम सरकार आर्थिक जगत के  सभी मुद्दों को सम्बोधन नहीं कर पायेंगे  कहते हुए   अर्थविद् और  उद् योगी -ब्यवसायीयों ने असन्तुष्टि प्रकट  किया है  । रेग्मी नेतृत्व के सरकार चुनाव कराने में ही केन्द्रित रहेगी ,  अर्थ की मुद्दा को उतना  अहमियत नहीं दिया जा रहा है । बड़े दल के नेता केवल प्रधानन्यायाधीश खिलराज रेग्मी के  नेतृत्वमें  चुनावी सरकार गठन की सहमति किया है लेकिन ११ बुँदे सहमति पत्रमें  आर्थिक मुद्दा को प्राथमिकता नही दिया गया हैकहते हुये नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भाष्करराज कर्णिकार ने अपना दुःख प्रकट किया है  ।

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निजी क्षेत्र के  अर्थतन्त्र को सुमधुर से चलने देंना, पूर्ण बजेट लाना , लगानी मे मैत्री वातावरण सृजना करना , निजी क्षेत्र के  समस्या को  समाधान करना ,  ऐसी सरकार से  अपेक्षा नही करना  ही उचित होगा । राजकर्णिकार ने यह भी कहा कि यदि अभी भी  पूर्ण बजेट  नहीं आयेगा तब  देश  और भी आर्थिक संकट से गजरेगा ।  प्रधान प्रधानन्यायाधीश रेग्मी नेतृत्व को अन्तरिम चुनावी सरकार का मान्यता देने मे भी विरोध हो रहा है , जिस  से भी अर्थ जगत प्रभावित  हो सकता है।chiranjivi-nepal

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अर्थविद् चिरञ्जिवी भी कहतें हैं कि सरकार बस  चुनाव कराने में केन्द्रित  है लेकिन अर्थ जगत संकट में है । अब अर्थ क्षेत्र में व्यापार  में घाटा होगा, सभी चीजो का दो गुना मूल्य बढेगा ,शेयर बाजार में गिरावट आएगा , निजी क्षेत्र त्रसित होगा, जन जीवन अस्तव्यस्त होगा . राजनैतिक  दल बस राजनीती के अलावा किसी भी जगत को अहमियत नहीं देते है यही नेता की मानसिकता है ।उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि ११ बुँदे राजनीतिक सहमति में आर्थिक मुद्दा के बारे में कुछ नहीं है ।

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haribhakta-sharmaउद्योग परिसंघ के उपाध्यक्ष हरिभक्त शर्मा ने कहा है की यह सरकार जो गठन हुवा है उसे नया २२ दल बिरोध कर रहा है । उनको लगता है रेग्मी चुनाव समय पर नहीं करवा पायेंगे  इसमें वे असफल होगे । राष्ट्र मे अभी आर्थिक क्षेत्र अस्त-व्यस्त है और इसको और भी बिगारने का काम हो रहा है । सहमतिपत्र में आर्थिक को समावेश नही करना उचित नही है । अनलाइन के लिये दिये गये प्रतिक्रिया मे इन नेताओं ने यह बात कही ।

 

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