‘राम जन्म–भूमि’ विवादः अयोध्यापुरी संबंधी अध्ययन प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमन्त्री ओली ने किया आग्रह
काठमांडू, ८ अगस्त । भगवान राम की जन्म–भूमि संबंधी विषय में विवादित अभिव्यक्ति देकर चर्चा में आए प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने पिछली बार पुनः उक्त विषय में अभिरुचि प्रकट किया है । प्रधानमन्त्री ओली ने दावा किया है कि राम जन्म–भूमि नेपाल (पर्सा–चितवन जिला) में ही है । प्रधानमन्त्री ओली ने इसतरह के दावे के साथ कहा है कि चितवन जिला स्थित अयोध्यापुरी अर्थात् रामजन्म भूमि संबंधी–विषय अध्ययन को आगे बढ़ाया जाए ।
चितवन जिला माडी नगरपालिका वार्ड नं. ९ के वडाध्यक्ष शिवहरि सुवेदी को शुक्रबार टेलिफोन करते हुए अयोध्यापुरी संबंधी अध्ययन कार्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमन्त्री ने आग्रह किया है । वडाध्यक्ष सुवेदी के अनुसार प्रधानमन्त्री ओली ने कहा है– ‘भारत में जो अयोध्या है, उसमें वही के जनता भी विभाजित हैं और विश्वस्त नहीं हैं । इसीलिए हमारे यहां जो अयोध्या है, उसके संबंध में अधिक अध्ययन और अनुसंधान आवश्यक है । उस क्षेत्र को संरक्षण कर तत्काल अध्ययन–अनुसंधान कार्य को आगे बढ़ाना चाहिए । आप लोग क्या कर रहे हैं ?’
प्रधानमन्त्री ओली को मानना है कि चितवन में जो अयोध्यापुरी है, भगवान राम की वास्तविक जन्म–भूमि वही हो सकता है, इसीलिए इसके संबंध में आवश्यक तथ्य–प्रमाण इकठ्ठा करनी चाहिए । प्रधानमन्त्री ओली कथन को उद्धृत करते हुए वडाध्यक्ष सुवेदी ने कहा है कि नेपाल स्थित अयोध्यापुरी के संबंध में मजबूत प्रमाण मिल रहा है, जो राम–जन्म भूमि को प्रमाणित करता है । बताया गया है कि रामेश्वर गढी, बाल्मिकी आश्रम जैसे स्थानों में ऐसी प्रमाण है, जो असली अयोध्या ढूंढने में सहयोसिद्ध हो सकती है ।
प्रधानमन्त्री ओली ने वडाध्यक्ष सुवेदी से यह भी कहा है कि अयोध्यापुरी में रहे धार्मिक तथा पुरातात्विक सम्पदा सामाग्री को संरक्षण कर आगे बढ़ना होगा । बताया गया है कि आगामी रामनवमी के दिन यहां एक विशेषत पूजा आयोजन कर काम शुरु करने की तैयारी है । चितवन स्थित अयोध्यापुरी के संबंध में विचार–विमर्श करने के लिए प्रधानमन्त्री ओली ने वडाध्यक्ष सहित विज्ञ समूह को काठमांडू आमन्त्रण भी किया है ।

