आजादी और उसके सही मायने : प्रियंका पेड़ीवाल अग्रवाल
आजादी और उसके सही मायने
मेरे विचार से आजादी का अर्थमनमानी करने की छूट नहीं है, बल्कि इसका सही मायने यह हैकि नियम-कायदों की सीमा मेंरहते हुए व्यक्ति सही ढंग सेअपने कर्तव्यों का निर्वाह करसके।
आजादी और हम..
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी हैऔर हर व्यक्ति की गतिविधियोंका असर दूसरे पर भी पडता है।हमारी आजादी उसी सीमा तकहै, जहां दूसरों को कष्ट न हो।
आजादी के विभिन्न मतलब
आजादी कई स्तरों पर होती हैऔर इसी वजह से लोगों के लिएइसके मायने भी अलग-अलगहोते हैं। जहां परिपक्व लोगआजादी से जुडी सीमाओं कोस्वीकारते हैं, वहीं युवा पीढी केलिए आजादी का मतलब बंधनोंका अभाव होता है।
भारत और आजादी
भारत हर साल 15 अगस्त कोअपना स्वतंत्रता दिवस मनाताहै। यह दिन जहां हमारे आजादहोने की खुशी लेकर आता हैवहीं इसमें भारत के खण्ड-खण्डहोने का दर्द भी छिपा होता है।वक्त के गुजरे पन्नों में भारत सेज्यादा गौरवशाली इतिहासकिसी भी देश का नहीं हुआ, लेकिन भारतीय उपमहाद्वीप सेज्यादा सांस्कृतिक राजनीतिकऔर आर्थिक हमले भी इतिहासमें शायद किसी देश पर नहीं हुएऔर कदाचित किसी देश केइतिहास के साथ इतना अन्यायभी कहीं नहीं हुआ।
आजादी और इसके विभिन्न नाम
वो देश जिसे इतिहास में ‘विश्वगुरु’ के नाम से जाना जाता हो, उस देश के प्रधानमंत्री को आज’मेक इन इंडिया’ की शुरुआतकरनी पड़ रही है।
आजादी बलिदान की कहानी
भारत को आजाद कराने ने बहुतसारे लोगों को योगदान रहा है।कईयों ने अपनी जान की बाजीतक लगाई लेकिन कुछ ऐसे नामहै जिनका योगदान इतनामहत्वपूर्ण है कि इन्हें हमेशा यादकिया जाता है। इन्हें में से कुछनाम हैं सुभाषचंद्र बोस, भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद, सरदार वल्लभभाई पटेल, गांधीजी, इत्यादी।
तरीके
भारत में आजादी की लड़ाई दोस्तर पर लड़ी गई। एक औरजहां गांधीजी अहिंसा के पथ परअग्रसर थे वहीं दूसरी तरफ एकदल ऐसा भी था जिसने हथियारोंका सहारा लिया जैसे सुभाषचन्द्र बोस, भगत सिंह इत्यादि।
हमारी सोच आज भी गुलाम है!
हम गुलाम हैं अंग्रेजी सभ्यताके जिसका अन्धानुकरणहमारी युवा पीढ़ी कर रहीहै।
हम गुलाम हैं उन जातियों केजिन्होंने हमें आपस में बांटाहुआ है और हमें एक नहींहोने देती।
हम गुलाम हैं अपनी सरकारकी उन नीतियों की जो इसदेश के नागरिक के उसकेधर्म और जाति के आधारपर आंकती हैं, उसकीयोग्यता के आधार परनहीं।
हम गुलाम हैं हर उस सोचके जो हमारे समाज कोतोड़ती है और हमें एक नहींहोने देती।

बिराटनगर

